सहारनपुर में पत्रकारों की भूमिका पर विचार गोष्ठी आयोजित, समाजसेवियों और पत्रकारों को किया सम्मानित

सहारनपुर में उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा “वर्तमान हालात में पत्रकार का दायित्व” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में पत्रकारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया तथा पत्रकारिता की चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई।

 

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन जिला शाखा के तत्वावधान में “वर्तमान हालात में पत्रकार का दायित्व” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के बदलते सामाजिक और राजनीतिक परिवेश में पत्रकारों की भूमिका पहले की अपेक्षा अधिक जिम्मेदार, सक्रिय और सजग हो गई है। गोष्ठी के दौरान पत्रकारिता के सामने मौजूद चुनौतियों, निष्पक्षता, सामाजिक जिम्मेदारी और मीडिया की बदलती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में समाजसेवियों और पत्रकारों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

अंबाला रोड स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व विधायक सुरेन्द्र कपिल ने कहा कि उन्होंने स्वयं लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य किया है और समय के साथ पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियां लगातार बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारों को अनेक प्रकार के दबावों, आर्थिक कठिनाइयों और सामाजिक चुनौतियों के बीच निष्पक्ष पत्रकारिता करनी पड़ती है। ऐसे समय में पत्रकारों का दायित्व और अधिक बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है और लोकतंत्र की मजबूती में उसकी अहम भूमिका होती है।

नेशनल मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. असलम खान ने कहा कि पत्रकार जिस प्रकार विषम परिस्थितियों में कार्य करते हैं, वह साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी का कार्य करते हैं और आम जनता की आवाज को शासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

होटल व्यवसायी पाली कालड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज का मार्गदर्शक होता है, लेकिन विडंबना यह है कि कई पत्रकारों को अपने जीवन-यापन के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि समाज को पत्रकारों की समस्याओं को समझना चाहिए और उनके सम्मान एवं सुरक्षा के लिए सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नासिर हसन जैदी एडवोकेट, उद्यमी एवं पत्रकार सुषमा बजाज तथा सपना ठाकुर ने भी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और सामाजिक जिम्मेदारी पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि आज सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में पत्रकारों के सामने सही और तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करने की बड़ी चुनौती है। ऐसे में पत्रकारों को और अधिक सतर्कता तथा जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के संरक्षक भारत भूषण ने कहा कि उनकी राजनीतिक पहचान स्थापित करने में समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने विशेष रूप से उस समय के लोकप्रिय समाचार पत्र “विश्वमानव” का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारिता समाज निर्माण का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान समय में पत्रकार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं, जबकि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवियों एवं पत्रकारों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती यशोदा, जे.एम. गांधी, ब्रजमोहन, योगेंद्र कल्याण, अहमद रजा, डॉ. गुलशेर, सुरेन्द्र बगाती तथा प्रो. डॉ. अनिल कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने सभी सम्मानित व्यक्तियों के कार्यों की सराहना की।

कार्यक्रम का संचालन यूनियन अध्यक्ष अशोक शर्मा ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, पत्रकार साथियों और उपस्थित गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं बल्कि समाज सेवा का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यूनियन पत्रकारों के हितों और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

गोष्ठी को सफल बनाने में पत्रकार नफीस थानवी, प्रवीण वर्मा एवं सुधीर भारती का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में भारत भूषण, डॉ. असलम खान, सुधीर कुमार, सुरेश कुमार, रमन गुप्ता, एम.ए. खान, निसार सिद्दीकी, गायत्री शर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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