शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। सहारनपुर जनपद के देवबंद क्षेत्र स्थित लालवाला गांव शनिवार को उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब दो बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर अनुसूचित जाति और ठाकुर समाज के लोगों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर पथराव शुरू हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना में तीन महिलाओं समेत आठ लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार नगर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित लालवाला गांव में एक दो बीघा भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। शनिवार को इसी जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते बड़े संघर्ष में बदल गई। ग्रामीणों के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से जमकर पथराव हुआ, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग अपने घरों में दुबक गए और बाजारों में भी दहशत का माहौल दिखाई दिया।
सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी अभितेष सिंह और कोतवाली प्रभारी रोजंत त्यागी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पहले दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल भी गांव में बुलाया गया। घटना के बाद लालवाला गांव पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील हो गया।
संघर्ष में घायल होने वालों में नीरज, सुलेंद्र कुमार, आकाश, योगेश, राजकुमार, सविता, कलावती और सिब्बो शामिल हैं। सभी को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
अनुसूचित समाज के पक्ष से नीरज कुमार ने आरोप लगाया कि गांव की आबादी में स्थित उनकी दो बीघा जमीन पर दूसरे पक्ष के लोग कब्जा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि जमीन पर जबरन अपने समाज के महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया।
वहीं दूसरे पक्ष के रविंद्र राणा का कहना है कि उक्त जमीन उन्होंने काफी समय पहले विधिवत खरीदी थी। उनका आरोप है कि दूसरा पक्ष बेवजह जमीन पर दावा कर विवाद खड़ा कर रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और बसपा से जुड़े कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए। इसके बाद माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। पुलिस प्रशासन ने एहतियातन गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से लिखित तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि लालवाला गांव में जमीन के स्वामित्व को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








