शहरी चौपाल ब्यूरो
गागलहेड़ी/सहारनपुर। थाना गागलहेड़ी पुलिस ने वन तस्करी और अवैध कटान के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आम के पेड़ काट रहे 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से आम की लकड़ी से लदी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सीज करने के साथ ही पेड़ काटने में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण भी बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार थाना गागलहेड़ी प्रभारी धर्मेंद्र कुमार को शनिवार को सूचना मिली थी कि गांव बहेड़ी गुर्जर के जंगल क्षेत्र में कुछ लोग अवैध रूप से आम के प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने मौके से पेड़ काट रहे 12 लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों में इलियास और नवाब निवासी ग्राम बहेड़ी गुर्जर थाना गागलहेड़ी, खालिद, शाहनवाज, सलीम, गुलबहार, सहनिजार, इकबाल, गुलजार, मुस्तफा तथा खालिद निवासी ग्राम अमरपुर थाना गागलहेड़ी और राजवीर निवासी बुड्ढाखेड़ा अहीर थाना गागलहेड़ी शामिल हैं।
पुलिस ने मौके से आम की लकड़ी से लदी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर सीज कर दिया। इसके अलावा पेड़ों की कटाई में इस्तेमाल की जा रही मशीनें और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध कटान और वन तस्करी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पेड़ कटान की शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों और बागों में लगातार हो रही अवैध कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में वन तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि आम और अन्य बड़े पेड़ों की अवैध कटाई से पर्यावरण संतुलन प्रभावित होता है। इससे न केवल हरित क्षेत्र कम होता है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में तापमान और जल संकट जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध पेड़ कटान या वन तस्करी की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस या वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।








