शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। खाताखेड़ी क्षेत्र में कुत्ते के काटने से एक मासूम बालिका की दर्दनाक मौत के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली और एंटी रेबीज अभियान पर सवाल खड़े होने लगे हैं। घटना के बाद पार्षद एवं नगर निगम कार्यकारिणी सदस्य मंसूर बदर के नेतृत्व में पार्षद दल ने नगर आयुक्त शिपू गिरि से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
पार्षद दल ने नगर आयुक्त को बताया कि नगर निगम हर वर्ष स्वान नियंत्रण और एंटी रेबीज अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी दुखद घटनाएं होना बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम की ओर से लगाए जा रहे एंटी रेबीज टीके प्रभावी हैं, तो फिर टीका लगने के बावजूद बालिका की मौत कैसे हो गई, इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।
जानकारी के अनुसार जिस कुत्ते ने मासूम बालिका को काटा था, उसे घटना वाले दिन सुबह ही नगर निगम की टीम द्वारा एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि इसके बावजूद बालिका की हालत बिगड़ती चली गई और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे शहर के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को स्वान नियंत्रण अभियान और एंटी रेबीज टीकाकरण की प्रक्रिया की गंभीरता से समीक्षा करनी चाहिए। यदि कहीं लापरवाही हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पार्षदों ने यह भी मांग की कि पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, इसलिए नगर निगम या प्रशासन की ओर से तत्काल पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए ताकि परिवार को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित स्वास्थ्य जांच अभियान चलाना आवश्यक है।
नगर आयुक्त शिपू गिरि ने पार्षद दल को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि एंटी रेबीज इंजेक्शन, स्वान नियंत्रण अभियान और संबंधित टीमों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान पार्षद समीर अंसारी, सईद सिद्दीकी, इज़हार मंसूरी, महमूद हसन, रईस पप्पू, आसिफ अंसारी, गुलज़ेब खान, ज़फर अंसारी, डॉ. मंसूर, मेनपाल तथा एडवोकेट जावेद सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीरता से लिया जाए और लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
स्थानीय लोगों ने भी घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि शहर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है और छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों के लिए खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों ने नगर निगम से नियमित अभियान चलाकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण करने और प्रभावी एंटी रेबीज व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
घटना के बाद खाताखेड़ी क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी।








