देवबंद के लालवाला में जमीन विवाद को जातीय रंग देने की साजिश, हिस्ट्रीशीटर समेत दो गिरफ्तार

सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव में जमीन विवाद को जातीय रंग देकर माहौल बिगाड़ने की साजिश का खुलासा। डीएम-एसएसपी की प्रेस वार्ता में पुलिस पर हमले, ट्रैक्टर चढ़ाने और अवैध कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया। हिस्ट्रीशीटर समेत दो आरोपी गिरफ्तार।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। थाना देवबंद क्षेत्र के गांव लालवाला में जमीन विवाद को जातीय रंग देकर माहौल बिगाड़ने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि कुछ लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से विवादित भूमि पर अवैध कब्जा करने और गांव का सामाजिक माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है।

अधिकारियों ने बताया कि वादी रविंद्र सिंह राणा पुत्र रमेश राणा निवासी ग्राम लालवाला ने करीब 15 वर्ष पूर्व गांव के ही राज सिंह से जमीन खरीदी थी, जिस पर वह लंबे समय से कब्जे में रहते हुए अपना घेर बनाकर रह रहा था। वर्तमान में जमीन की कीमत बढ़ने और आबादी क्षेत्र में आने के कारण कुछ लोगों की नीयत उस भूमि पर खराब हो गई।

डीएम व एसएसपी के अनुसार गांव के रामचंद्र और अन्य लोगों ने नरेश पुत्र रामसिंह को उकसाकर विवाद को जातीय रंग देने की कोशिश की। आरोप है कि गांव का हिस्ट्रीशीटर शेर सिंह उर्फ शेरू पुत्र कबूला उर्फ कबूल सिंह भी इस पूरे षड्यंत्र में सक्रिय रूप से शामिल था। पुलिस के अनुसार दो वर्ष पूर्व दीपावली के दौरान शेर सिंह ने रविंद्र पक्ष के एक युवक पर तमंचे से फायर करने का प्रयास भी किया था, जिसके बाद से दोनों पक्षों में रंजिश चली आ रही थी।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि रविदास जयंती के अवसर पर रविंद्र के घर के सामने संत रविदास और डॉ. भीमराव आंबेडकर का संयुक्त बोर्ड लगाकर माहौल संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया। इसके बाद महाराणा प्रताप जयंती के दौरान लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों को इकट्ठा किया गया और अफवाह फैलाई गई कि विवादित जमीन पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित की जा रही है।

एसएसपी ने बताया कि 5 मई, 7 मई और 8 मई को भी लोगों को भड़काने की कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रित कर ली गई। इसके बावजूद 9 मई को करीब 40 से 50 महिला और पुरुष ट्रैक्टर लेकर रविंद्र के घर पहुंच गए और ईंट, पत्थर, लाठी, डंडे, सरिया व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। आरोप है कि महिलाओं को आगे कर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस दौरान सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर भी पथराव किया गया तथा ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की गई।

पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और उपद्रवियों को खदेड़ दिया। हालांकि कई आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले में वादी रविंद्र राणा की तहरीर पर थाना देवबंद में विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में भी यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम चकरामबाड़ी (लालवाला) स्थित गाटा संख्या 4267 एवं पुराने गाटा संख्या 2344/2 की भूमि को लेकर नरेश पुत्र रामसिंह और रविंद्र पक्ष के बीच विवाद चल रहा है। जांच में पाया गया कि विवादित भूमि पर कई वर्षों से रविंद्र सिंह का कब्जा है तथा वहां निर्माण कार्य भी किया गया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के बलपूर्वक कब्जा करने का प्रयास किया गया था, जिसे पुलिस की सक्रियता से विफल कर दिया गया।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बुधवार को शेर सिंह उर्फ शेरू पुत्र कबूला निवासी ग्राम लालवाला तथा अक्षय पुत्र ऋषिपाल निवासी लालवाला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शेर सिंह थाना देवबंद का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, मारपीट और आबकारी अधिनियम समेत कई मुकदमे दर्ज हैं।

एसएसपी ने बताया कि विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और सीडीआर का परीक्षण किया जा रहा है। गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे प्रथम दृष्टया मुकदमे में लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो रही है। गांव में फिलहाल पर्याप्त पुलिस और पीएसी बल तैनात है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अधिकारियों ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने, जातीय तनाव फैलाने और अवैध कब्जे की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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