शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। रेल यात्रियों के लिए बड़ी सौगात के रूप में अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच अमृत भारत एक्सप्रेस का नियमित संचालन शुरू हो गया है। रेल मंत्रालय द्वारा गाड़ी संख्या 04654/04653 अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी स्पेशल एक्सप्रेस को अब नियमित रूप से गाड़ी संख्या 14664/14663 अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। नई रेल सेवा शुरू होने से सहारनपुर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को पूर्वोत्तर भारत से सीधी रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
बुधवार को अमृतसर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में भारत सरकार के रेल राज्यमंत्री Ravneet Singh Bittu ने अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर न्यू जलपाईगुड़ी के लिए रवाना किया। इस दौरान रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में ट्रेन के शुभारंभ का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में फिरोजपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक गुरुशरण पाठक, अमृतसर रेलवे स्टेशन अधीक्षक अक्षय कुमार सहित रेलवे विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। ट्रेन का संचालन अमृतसर से सहारनपुर तक ट्रेन मैनेजर धर्मवीर द्वारा किया जा रहा है।
नई अमृत भारत एक्सप्रेस दोपहर 12:45 बजे अमृतसर से रवाना होकर शाम करीब 6 बजे सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके बाद ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी के लिए रवाना हुई। इस ट्रेन के संचालन से सहारनपुर के यात्रियों को बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत की यात्रा में बड़ी सुविधा मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृत भारत एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं से युक्त ट्रेन है, जिसका उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक बनाना है। ट्रेन में सामान्य और स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नई सेवा से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेन के आगमन को लेकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। यात्रियों का कहना है कि पूर्वोत्तर भारत के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।
रेलवे विभाग का कहना है कि अमृत भारत एक्सप्रेस के नियमित संचालन से यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह ट्रेन उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।








