शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद के चिलकाना क्षेत्र में एक होटल में रोटी पर थूक लगाकर उसे तंदूर में सेंकने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना चिलकाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार ग्राम टोडरपुर भूकड़ी निवासी रोहित लंबरदार पुत्र मामराज ने थाना चिलकाना में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कस्बा चिलकाना स्थित अल फातमा होटल में रोटी बनाते समय कर्मचारियों द्वारा रोटी पर थूक लगाकर उसे दूषित किया जा रहा है और बाद में वही रोटियां लोगों को परोसी जा रही हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस को एक वीडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई, जिसमें कथित तौर पर यह हरकत दिखाई दे रही थी।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना चिलकाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर ने भी तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी सिमरन सिंह (आईपीएस) के नेतृत्व में थाना चिलकाना पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को कस्बा चिलकाना सरसावा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तंजीम पुत्र जिंदा हसन निवासी अंबेहटा थाना नकुड़ जनपद सहारनपुर तथा मोहम्मद महबूब पुत्र मोहम्मद मगलू निवासी उदयपुर थाना आबादपुर जिला कटिहार बिहार, हाल निवासी अल फातमा होटल कस्बा चिलकाना के रूप में हुई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार सोलंकी, आरक्षी गुरेंद्र कुमार और आरक्षी अमन कुमार शामिल रहे। पुलिस टीम की कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने सराहना की है।
घटना के बाद क्षेत्र में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि होटल, ढाबों और भोजनालयों में नियमित जांच अभियान चलाया जाए ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन मिल सके।
खाद्य सुरक्षा को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं बल्कि सामाजिक विश्वास को भी प्रभावित करती हैं। लोगों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।








