महात्मा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर सहारनपुर में श्रद्धांजलि सभा, किसानों की एकता पर जोर

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा महात्मा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में किसानों की एकता, संघर्ष और अधिकारों को लेकर नेताओं ने विचार रखे।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा शुक्रवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में किसान मसीहा एवं किसानों की बुलंद आवाज रहे महात्मा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, भाकियू पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया तथा बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभा के दौरान किसानों के संघर्ष, उनकी समस्याओं और संगठन की मजबूती पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में एसपी देहात और सिटी मजिस्ट्रेट भी मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने बाबा टिकैत को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए “जय जवान-जय किसान” के नारे लगाए और किसानों को देश की रीढ़ बताते हुए उनकी एकता और संघर्ष की सराहना की। कार्यक्रम में मौजूद किसानों ने भी बाबा टिकैत अमर रहें के नारों के साथ उन्हें याद किया।

सभा को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव विनय कुमार ने कहा कि चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने हमेशा किसानों को अपनी ताकत पहचानने और संगठित रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत ने देशभर के किसानों को एक मंच पर लाकर उनकी आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। उनका पूरा जीवन किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में समर्पित रहा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बाबा टिकैत के विचारों और संघर्ष के रास्ते पर चलकर अपने हकों के लिए एकजुट रहें।

भारतीय किसान यूनियन के मंडल महासचिव आरिफ मलिक ने कहा कि महेंद्र सिंह टिकैत केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि किसानों के संघर्ष और सम्मान की पहचान थे। उन्होंने किसानों को जाति, धर्म और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया। उन्होंने कहा कि जब भी देश का किसान अपने हकों की बात करता है तो उसमें कहीं न कहीं बाबा टिकैत की सोच और संघर्ष दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि आज भी किसानों को एकजुट होकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करने की जरूरत है।

मंडल अध्यक्ष चौधरी अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा टिकैत ने किसानों को सिर उठाकर जीना सिखाया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन किसी पद या राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए नहीं बल्कि किसानों की इज्जत और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि आज किसान फसल के उचित मूल्य, बढ़ती लागत, बिजली, पानी और भूमि अधिग्रहण जैसी अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में किसानों की एकता ही सबसे बड़ी ताकत है।

सभा में वक्ताओं ने बाबा टिकैत के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलनों को भी याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने हमेशा शांतिपूर्ण लेकिन मजबूत आंदोलन की राह दिखाई और किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का कार्य किया। उन्होंने नई पीढ़ी से बाबा टिकैत के संघर्ष और विचारों को समझने तथा किसान आंदोलन की मूल भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान किसानों की वर्तमान स्थिति, कृषि नीतियों और भविष्य की चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत किए बिना देश का विकास संभव नहीं है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर भुगतान और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।

सभा के अंत में सभी किसानों और पदाधिकारियों ने बाबा टिकैत के बताए रास्ते पर चलने तथा किसानों की एकता को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष नरेश स्वामी, युवा महानगर अध्यक्ष उसमान मलिक, जिला प्रवक्ता संजय चौधरी, अमित मुखिया, जिला मीडिया प्रभारी भाग सिंह, पश्चिम प्रदेश प्रवक्ता रघुवीर सिंह, युवा कार्यकारिणी महानगर अध्यक्ष वसीम मलिक, युवा महानगर उपाध्यक्ष वंश गौतम, युवा महानगर महासचिव वजिहुर रहमान, युवा महानगर कोषाध्यक्ष चांद गांधी सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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