शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मंडी समिति में सफाई कार्य करने वाले कर्मचारियों ने ईएसआई और पीएफ की सुविधा न मिलने को लेकर नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा काम पर रखते समय ईएसआई और पीएफ काटे जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक किसी भी कर्मचारी का ईएसआई और पीएफ जमा नहीं कराया गया है। साथ ही निर्धारित मानदेय भी कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है।
मंडी समिति में कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं, लेकिन उन्हें श्रमिकों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार ठेकेदार से बातचीत की गई, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया गया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें मात्र नौ हजार रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित मजदूरी इससे अधिक है। उन्होंने कहा कि भुगतान भी बैंक खाते में न करके नगद दिया जाता है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं रहता। कर्मचारियों का कहना है कि बैंक खाते के माध्यम से भुगतान न होने के कारण उन्हें कई सरकारी योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता।
मंडी समिति में कार्यरत कर्मचारियों में सुरेंद्र, संजय, काका, प्रेम, प्रमोद, नरेंद्र, बबलू, मनजीत और मेसू समेत करीब 12 कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों ने कहा कि वे प्रतिदिन कठिन परिस्थितियों में सफाई कार्य करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।
सफाई कर्मचारियों का कहना है कि ईएसआई और पीएफ जैसी सुविधाएं प्रत्येक श्रमिक का अधिकार हैं। यदि भविष्य में कोई कर्मचारी बीमार हो जाए या किसी दुर्घटना का शिकार हो जाए तो उसके पास आर्थिक सुरक्षा का कोई साधन नहीं रहेगा। यही कारण है कि कर्मचारी मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहे हैं।
कर्मचारियों ने प्रशासन और मंडी समिति के अधिकारियों से मांग की है कि उनके ईएसआई और पीएफ की व्यवस्था तत्काल लागू कराई जाए। साथ ही उन्हें निर्धारित मानदेय बैंक खाते के माध्यम से दिया जाए ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आगे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि सफाई कर्मचारी शहर और मंडी की स्वच्छता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें उचित वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए। कर्मचारियों की मांगों को लेकर अब मंडी समिति प्रशासन और संबंधित ठेकेदार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।








