कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बीजेपी पर हमला: तेल बचत अभियान सिर्फ दिखावा, महंगाई और बेरोजगारी पर संसद में बहस की मांग

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार के तेल बचत अभियान को दिखावा बताते हुए पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों, बेरोजगारी और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।

मनोज मिड्ढा 

सहारनपुर। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए पेट्रोल-डीजल बचाने के नाम पर चलाए जा रहे अभियानों को “सिर्फ दिखावा” करार दिया है। उन्होंने कहा कि नेताओं द्वारा कुछ समय के लिए रिक्शा, बाइक या सीएनजी वाहनों में बैठकर फोटो खिंचवाने से न तो तेल की वास्तविक बचत होने वाली है और न ही इससे आम जनता को कोई राहत मिलने वाली है। मसूद ने मांग की कि देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, लगातार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर व्यापक चर्चा कराई जाए।

टीवी चैनल से बातचीत करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि देश की जनता इस समय महंगाई की दोहरी मार झेल रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन महंगा होने से रोजमर्रा की जरूरतों का सामान भी लगातार महंगा होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धीरे-धीरे किस्तों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर जनता पर आर्थिक बोझ डाल रही है, लेकिन इन मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने से बच रही है।

उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में सरकार को तेल बचत और आर्थिक सुधार की चिंता होती तो संसद में गंभीर बहस कराकर कोई ठोस नीति बनाई जाती। लेकिन वर्तमान में जो अभियान चल रहे हैं, वे केवल सोशल मीडिया और प्रचार तक सीमित दिखाई देते हैं। मसूद ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री और विधायक अलग-अलग वाहनों में सफर करते हुए तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जबकि आम आदमी को रोजाना बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।

इमरान मसूद ने घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लगातार रसोई गैस के दाम बढ़ने से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। मसूद ने कहा कि एक तरफ सरकार गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा रही है और दूसरी तरफ लोगों को गैस लेने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है, जिसका सीधा असर आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने घर का खर्च बढ़ा दिया है और आम आदमी आर्थिक दबाव में जीने को मजबूर है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह पिछले कई महीनों से लगातार चेतावनी देते आ रहे हैं कि देश आर्थिक चुनौतियों की ओर बढ़ रहा है। बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे लगातार गंभीर होते जा रहे हैं, लेकिन सरकार जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं में भविष्य को लेकर चिंता का माहौल है।

इमरान मसूद ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पेपर लीक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लाखों बच्चों ने कठिन मेहनत के बाद परीक्षा दी, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया। मसूद ने सवाल उठाया कि आखिर अब तक छात्रों और अभिभावकों को यह स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दिया गया कि दोबारा परीक्षा कब और किस प्रक्रिया के तहत होगी। उन्होंने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई मामलों की जांच वर्षों तक चलती रहती है, लेकिन नतीजे सामने नहीं आते।

उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। देश में रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल प्रचार आधारित अभियानों से जनता की समस्याएं हल नहीं होंगी। मसूद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।

विदेश नीति और प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर टिप्पणी करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध महत्वपूर्ण हैं, लेकिन देश के भीतर की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार को विदेश यात्राओं और प्रचार अभियानों के साथ-साथ देश के किसानों, व्यापारियों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश को मजबूत आर्थिक फैसलों की जरूरत है। छोटे व्यापारियों पर बढ़ते खर्च का दबाव है, मध्यम वर्ग महंगाई से परेशान है और युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा। ऐसे हालात में सरकार को सभी राजनीतिक दलों के साथ मिलकर समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए।

इमरान मसूद ने केंद्र सरकार से मांग की कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर आर्थिक स्थिति, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों, घरेलू गैस सिलेंडर के दाम, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर खुली चर्चा कराई जाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर संवाद और जवाबदेही बेहद जरूरी है। केवल प्रचार और फोटो अभियान चलाने से समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि देश की जनता अब वास्तविक मुद्दों पर जवाब चाहती है। आम आदमी को राहत देने के लिए ठोस आर्थिक नीतियां बनानी होंगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में जनता के हित में काम करना चाहती है तो उसे प्रचार आधारित राजनीति छोड़कर महंगाई, रोजगार और शिक्षा जैसे मूल मुद्दों पर गंभीर निर्णय लेने होंगे।

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