शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की मासिक बैठक का आयोजन अंबाला रोड स्थित एक होटल के सभागार में किया गया, जिसमें हृदय रोगों के उपचार और साइबर क्राइम जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। बैठक में गुरुग्राम स्थित Medanta Hospital के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट Dr. Nagendra Singh ने कहा कि कम्प्लीट हार्ट ब्लॉक के मरीजों का प्रभावी इलाज पेसमेकर के माध्यम से संभव है और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के कारण अब दिल के कई गंभीर रोगों का इलाज पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सरल हो गया है।
डॉ. नागेंद्र सिंह ने चिकित्सकों को संबोधित करते हुए बताया कि कम्प्लीट हार्ट ब्लॉक ऐसी स्थिति होती है जिसमें हृदय की धड़कनों का सामान्य संचार बाधित हो जाता है। ऐसी अवस्था में मरीज को चक्कर आना, बेहोशी, अत्यधिक कमजोरी और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों के लिए पेसमेकर जीवन रक्षक उपकरण साबित होता है, जो हृदय की धड़कनों को नियंत्रित करने में सहायता करता है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान समय में चिकित्सा विज्ञान ने काफी प्रगति कर ली है और अब कई मामलों में दिल के वाल्व बिना ओपन हार्ट सर्जरी के भी बदले जा सकते हैं। इससे मरीजों को कम दर्द, कम जोखिम और तेजी से स्वस्थ होने का लाभ मिलता है। उन्होंने चिकित्सकों से आधुनिक तकनीकों के बारे में लगातार अपडेट रहने का आह्वान किया ताकि मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे एसपी सिटी Vyom Bindal व्योम बिंदल ने साइबर क्राइम को लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और आम लोगों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी फोन कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी और मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
एसपी सिटी ने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।
आईएमए के अध्यक्ष Dr. Praveen Sharma डॉ. प्रवीण शर्मा ने भी साइबर सुरक्षा को लेकर चिकित्सकों और आम लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी तरह-तरह के लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं, इसलिए किसी भी नई एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
आईएमए के सचिव Dr. Neeraj Arya डॉ. नीरज आर्य ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों और चिकित्सकों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक सचिव Dr. Kaleem Ahmad डॉ. कलीम अहमद ने किया।
इस अवसर पर डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. मोहन पांडेय, डॉ. जयपाल चंद, डॉ. सौम्या जैन, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. रेणु शर्मा, डॉ. पूनम कुमार, डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. पूनम मखीजा, डॉ. अंकुर उपाध्याय, डॉ. सुधीर अग्रवाल, डॉ. स्वर्णजीत सिंह, डॉ. मनदीप सिंह, डॉ. संजय यादव, डॉ. कर्मवीर सिंह, डॉ. नरेश सैनी, डॉ. अमरजीत पोपली, डॉ. डी.के. तिवारी, डॉ. महेश ग्रोवर, डॉ. डी.के. गुप्ता, डॉ. नरेंद्र खन्ना, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. सतीश भंडारी, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. विकास तोमर, डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. रविकांत निरंकारी, डॉ. संजय चौहान और डॉ. प्रवीण मित्तल सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक उपस्थित रहे।








