शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। रूद्र को रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोना पंडित पर हुए कथित जानलेवा हमले और सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों के विरोध में हिंदू संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। वंदे मातरम मिशन चिंगारी के संयोजक विजयकांत चौहान ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
छुटमलपुर स्थित मनकामेश्वर मंदिर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विजयकांत चौहान ने कहा कि करीब एक माह पूर्व सोना पंडित को कार से टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी अब तक पुलिस द्वारा न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
उन्होंने कहा कि हमले के बाद सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर फर्जी पहचान बनाकर लगातार जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।
विजयकांत चौहान ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो छुटमलपुर स्थित ज्योति किरण चौक पर बड़ा आंदोलन और हिंदू महापंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंदू संगठन इस मामले को लेकर गंभीर हैं और आवश्यकता पड़ने पर व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने प्रशासन से सोना पंडित और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। उनका कहना था कि लगातार मिल रही धमकियों से परिवार में भय का माहौल बना हुआ है और पुलिस को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।
प्रेस वार्ता के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने छुटमलपुर गांधी चौक पर गौतस्करों का पुतला फूंककर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गौहत्या और गौतस्करी के विरोध में नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान राजन पंडित, शुभम सैनी, रविंद्र कोरी, कुलदीप सैनी, आशीष सैनी, शुभम निषाद, राजीव कोरी, नमन कोरी, प्रशांत, गौरव, मोहित, शिवा, पारस कोरी, संदीप, रितिक टाक, सत्यम कोरी, शगुन चौधरी, अंकित कुमार, प्रिंस मित्तल, दीपक धीमान, अश्वनी सैनी, अरुण कुमार और कार्तिक राठौर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठनों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि समाज में भय और असंतोष का माहौल उत्पन्न न हो।








