शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन मंगलवार को अपने समर्थकों की गिरफ्तारी के विरोध में थाना सदर बाजार में धरने पर बैठ गईं। पुलिस द्वारा रोड जाम और शांति भंग के आरोप में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का चालान कर जेल भेजे जाने के बाद जिले में राजनीतिक माहौल गरमा गया। देर रात नगर मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद करीब साढ़े पांच घंटे चला धरना समाप्त हुआ।
जानकारी के अनुसार, जसाला गांव के एक हत्या प्रकरण में पीड़ित पक्ष के समर्थन में सांसद इकरा हसन डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं। वहां उन्होंने पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। सूत्रों के मुताबिक बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद डीआईजी कार्यालय से बाहर चले गए।
बताया जा रहा है कि इसके बाद सांसद और उनके समर्थक कार्यालय परिसर की पार्किंग में खड़े होकर प्रार्थना पत्र तैयार कर रहे थे। इसी दौरान महिला थाना पुलिस ने सपा के प्रदेश सचिव मांगेराम कश्यप, प्रदेश उपाध्यक्ष शीशपाल कश्यप, सतपाल कश्यप, अनुज कश्यप सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। बाद में पुलिस ने शांति भंग और रोड जाम के आरोप में उनका चालान कर जेल भेज दिया।
समर्थकों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही सांसद इकरा हसन थाना सदर बाजार पहुंचीं और शाम करीब चार बजे धरने पर बैठ गईं। सांसद ने आरोप लगाया कि गिरफ्तार किए गए लोग निर्दोष हैं और उन्होंने कोई सड़क जाम नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि सभी लोग सड़क किनारे सफेद पट्टी के भीतर खड़े थे, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है।
धरने के दौरान सांसद ने कहा कि यदि उनके समर्थकों को जेल भेजा गया है तो उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया।
धरना स्थल पर पूर्व सांसद हाजी फजलुर रहमान विधायक आशु मलिक, विधायक नाहिद हसन, पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पूर्व विधायक मनोज चौधरी, पूर्व विधायक माविया अली, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व जिला अध्यक्ष चौधरी मुजफ्फर अली, पार्षद अभिषेक “टिंकू” अरोड़ा, फहद सलीम, अहमद मलिक, सपा उपाध्यक्ष इंजीनियर बृजेश शर्मा युवा नेता रतन यादव सहित कांग्रेस सेवा दल से इमरान कुरेशी सहित भारी संख्या में सपा और कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
करीब रात नौ बजे नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद इकरा हसन व उनके समर्थकों से वार्ता की। इसके बाद समर्थकों की थाने से ही जमानत प्रक्रिया पूरी कराई गई। नगर मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि सभी समर्थकों को बुधवार सुबह 10 बजे रिहा कर दिया जाएगा। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे सांसद ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
धरना स्थल पर नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल, सहायक पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार यादव और क्षेत्राधिकारी रुचि गुप्ता समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम को लेकर जिले में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।








