सहारनपुर। सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित बयानों को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। बुधवार को राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपते हुए सपा प्रवक्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ के प्रदेश प्रभारी प्रद्युमन शर्मा के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी पुलिस लाइन स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि राजकुमार भाटी सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार ऐसे अमर्यादित और अशोभनीय बयान दे रहे हैं, जिससे हिंदू समाज और विभिन्न सामाजिक वर्गों की धार्मिक एवं सामाजिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
ज्ञापन में कहा गया कि इस प्रकार के बयानों से समाज में वैमनस्य और तनाव का माहौल पैदा हो सकता है तथा सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि राजकुमार भाटी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने, समाज में विद्वेष फैलाने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के आरोप में सुसंगत धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग उठाई कि सपा प्रवक्ता के खिलाफ लगभग एक करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा भी दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सामाजिक ताने-बाने, आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास न कर सके।
प्रदेश प्रभारी प्रद्युमन शर्मा ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी व्यक्ति को समाज विशेष या धार्मिक आस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ऐसे मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ सामाजिक समरसता और भाईचारे में विश्वास रखता है, लेकिन किसी भी समाज या धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान राजीव शर्मा, विजय शर्मा, संजय पंडित, दीपक शर्मा, वैभव, सारांश शर्मा, समीर, डॉ. पीके शर्मा, रणजीत सिंह, विकास सिंह, आत्मानुभवी, अंकित, शुभम शर्मा, राजेंद्र शर्मा और राजकुमार पंडित सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन ज्ञापन दिए जाने के बाद यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।








