शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड, सीएमआईएस एवं आईजीआरएस पोर्टल पर विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने खराब रैंकिंग वाले विभागों के अधिकारियों पर सख्त नाराजगी जताई और कई अधिकारियों के वेतन रोकने, प्रतिकूल प्रविष्टि देने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी सीएम डैशबोर्ड की महत्ता को समझें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग समय से पोर्टल पर सही फीडिंग सुनिश्चित करें तथा स्वयं नियमित रूप से पोर्टल की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
बैठक में जननी सुरक्षा योजना, फैमिली आईडी, पंचायती राज विभाग की 15वें वित्त आयोग एवं व्यक्तिगत शौचालय योजना, पशुधन विभाग, आईसीडीएस तथा लोक निर्माण विभाग की खराब रैंकिंग पर विशेष समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को अगले माह तक रैंकिंग में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए।
फैमिली आईडी योजना में नगरीय क्षेत्रों में खराब प्रगति पाए जाने पर अधिशासी अधिकारियों के वेतन रोकने तथा जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम में खराब प्रदर्शन पर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी का वेतन रोकने को कहा गया। पंचायती राज विभाग में खराब प्रगति, पोषण अभियान, जननी सुरक्षा योजना तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों के संतोषजनक निस्तारण न होने पर एबीएसए मुजफ्फराबाद तथा खंड विकास अधिकारी नकुड़ के वेतन रोकने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बने बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक होना चाहिए। शिकायत के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसकी संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम डैशबोर्ड पर सर्वोच्च रैंकिंग प्राप्त करने के लिए निरंतर समीक्षा और फॉलोअप किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला स्तरीय अधिकारी केपीआई (मुख्य प्रदर्शन संकेतक) पर विशेष ध्यान दें और विभागीय कार्यों की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग करें।
सीएमआईएस पोर्टल पर लंबित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने समयसीमा में कार्य पूर्ण न होने और पोर्टल पर सही फीडिंग न करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा मुख्य विकास अधिकारी को जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी पूछा गया कि पूर्ण हो चुके कार्यों का हैंडओवर अभी तक क्यों नहीं लिया गया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हैबिटेट सेंटर को इसी माह स्मार्ट सिटी को हस्तांतरित कर पोर्टल पर अपडेट किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि लापरवाही करने वाली निर्माण एजेंसियों और फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सभी अधिकारियों को आम जनता के साथ मृदुल व्यवहार और संवेदनशीलता दिखाने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। साथ ही निर्माण कार्यों के लिए नामित नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण कर समय से रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, डीएफओ शुभम सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, पीडीडीआरडीए प्रणय कृष्ण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।








