शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिले में बाल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और बाल विवाह रोकथाम को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। इसी क्रम में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित नवीन सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष बहादुर सिंह की अध्यक्षता में मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बाल विवाह रोकथाम जिला टास्क फोर्स, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा जिला टास्क फोर्स की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल कल्याण समिति के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक कुमार पाण्डेय ने जिले में संचालित विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं और संस्थाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी अधिकारियों के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि स्वैच्छिक संगठन राजसी डेवलपमेंट रिसर्च संस्थान के माध्यम से संचालित बाल गृह (बालिका), पुष्पांजलि विहार, जनता रोड तथा राजकीय पश्चातवर्ती देखरेख संगठन महिला फतेहपुर में निवासरत संवासनियों की देखरेख, शिक्षा, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना और मिशन शक्ति फेज-5.2 के तहत प्रस्तावित कार्यक्रमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को लेकर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया। साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने कहा कि बाल विवाह, कन्या भ्रूण हत्या और महिलाओं के प्रति अपराध जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचे और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्देश अवैध लिंग परीक्षण को लेकर दिए गए। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि अवैध लिंग परीक्षण कराने वाले अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ डिकॉय ऑपरेशन चलाकर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने कहा कि भ्रूण लिंग परीक्षण कानूनन अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिला टास्क फोर्स सक्रिय रूप से कार्य करेगी। गांव-गांव और स्कूल स्तर तक जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की कार्ययोजना और प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और सामाजिक योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए गए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक (यातायात) एस.के. श्रीवास्तव, एआरएम परिवहन जोगेंद्र सिंह, अपर नगर आयुक्त प्रथम प्रदीप कुमार यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुश्री कोमल, जिला विद्यालय निरीक्षक हर्ष देव स्वामी, जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश प्रताप सिंह, जिला समन्वयक हब फॉर इम्पॉवरमेंट ऑफ वूमेन नेहा शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि बाल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाएं नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी हैं। प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले में कोई भी बच्चा या महिला अपने अधिकारों से वंचित न रहे और योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से जरूरतमंदों तक पहुंचे।








