शहरी चौपाल ब्यूरो
बेहट। सहारनपुर जनपद के बेहट क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। कोतवाली बेहट पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाते हुए अवैध उपखनिज का परिवहन कर रहे 9 डंपरों को पकड़कर सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान कई वाहन बिना वैध प्रपत्रों के खनिज परिवहन करते पाए गए, जबकि अधिकांश डंपर ओवरलोड भी मिले।
शनिवार को चलाए गए इस संयुक्त अभियान में प्रशासन ने अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। प्रदेश स्तर पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने थाना क्षेत्र के विभिन्न मार्गों, स्टोन क्रेशरों, स्क्रीनिंग प्लांटों तथा यमुना नदी के आसपास के खनन क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान प्रमुख मार्गों पर बैरियर लगाकर आने-जाने वाले भारी वाहनों की जांच की गई।
अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों से 9 डंपरों को पकड़ा गया, जिनमें उपखनिज का परिवहन नियमों के विपरीत किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि कुछ वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रहे थे, जबकि कई वाहनों में निर्धारित सीमा से अधिक खनिज लदा हुआ था। प्रशासन ने सभी वाहनों को हिरासत में लेकर कोतवाली बेहट में सीज कर दिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह दीक्षित ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर अवैध खनन और अवैध परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पकड़े गए वाहनों के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है तथा संबंधित रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।
इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक धीरज सिंह, उपनिरीक्षक राजेंद्र राठी, गौरव राणा, हेड कांस्टेबल राहुल राणा, हेड कांस्टेबल गोविंद, कांस्टेबल अभिषेक खोकर सहित पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों की समस्या बनी हुई थी। लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अवैध खनन माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा और सड़क सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।








