शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में बाल भारती विद्यालय समूह और मोक्षायतन योग संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में देशव्यापी योग संकल्प श्रृंखला अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 21 मई से 21 जून तक देशभर में बाल भारती विद्यालय समूह की 36 शाखाओं में संचालित किया जाएगा, जिसमें लगभग 36 हजार छात्र-छात्राएं और उनके परिवारों सहित एक लाख से अधिक लोगों के जुड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम का शुभारंभ अंतरराष्ट्रीय योग गुरु, पूर्व राजनयिक एवं मोक्षायतन योग संस्थान की निदेशक आचार्य प्रतिष्ठा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि संपूर्ण जीवन शैली बताते हुए कहा कि यदि व्यक्ति नियमित रूप से योग को अपनाए तो वह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन जी सकता है।
बाल भारती विद्यालय समूह के अध्यक्ष निखिल चन्ना ने कार्यक्रम में आचार्य प्रतिष्ठा और मोक्षायतन योग संस्थान के निदेशक वित्त एवं विदेश नीति सीए धीरज सारस्वत का सम्मान पट्ट ओढ़ाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में बाल भारती विद्यालय समूह की विभिन्न शाखाओं के प्रधानाचार्य, उपप्रधानाचार्य, चिकित्सा विशेषज्ञ, भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के प्रतिनिधि तथा अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर छात्रों और नन्हे योग साधकों द्वारा आकर्षक योग प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिन्होंने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। योग मुद्राओं और सामूहिक योग प्रदर्शन के माध्यम से बच्चों ने योग के प्रति अपनी जागरूकता और अनुशासन का परिचय दिया।
बाल भारती समूह के अध्यक्ष निखिल चन्ना ने कहा कि पिछले दस वर्षों से मोक्षायतन योग संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार के क्षेत्र में विद्यालय समूह के साथ लगातार सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि पद्मश्री स्वामी भारत भूषण की प्रेरणा से शुरू किया गया योग संस्कार भिक्षा अभियान बच्चों में छोटी उम्र से ही योग और भारतीय संस्कृति के संस्कार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आचार्य प्रतिष्ठा ने अपने संबोधन में योग के वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि यह शरीर, प्राण और मन को संतुलित करने की प्रभावी विधा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवनशैली और मानसिक दबाव के बीच योग व्यक्ति को आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
उन्होंने इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “वेलनेस, विजडम एंड वर्ल्ड पीस” पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि योग विश्व शांति और मानव कल्याण का मार्ग है तथा भारत की यह प्राचीन विद्या आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन की दिशा दिखा रही है।
कार्यक्रम में आचार्य प्रतिष्ठा ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि योग को जीवन शैली बना लिया जाए तो व्यक्ति न केवल बीमारियों से बच सकता है, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी बन सकता है।
मोक्षायतन योग संस्थान की ओर से आश्वस्त किया गया कि भविष्य में भी विद्यालय समूह के साथ मिलकर योग जागरूकता अभियान और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम संचालित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।








