शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद सहारनपुर में लगातार बढ़ रहे कैंसर के मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित याचिका समिति की बैठक में गंभीर चर्चा हुई। सहारनपुर देहात विधायक आशु मलिक ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कैंसर रोगियों की बढ़ती संख्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए विस्तृत जांच और स्थायी स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग की। बैठक में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जल्द ही विशेष संयुक्त जांच टीम गठित कर प्रभावित क्षेत्रों की जांच कराने का आश्वासन दिया।
बैठक लखनऊ स्थित विधान भवन में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित घोष, प्रमुख सचिव रितु माहेश्वरी, डीजी हेल्थ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहारनपुर भी शामिल रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहारनपुर के सीएमओ को भी तलब किया गया।
सपा कार्यालय प्रभारी फैसल सलमानी ने जानकारी देते हुए बताया कि विधायक आशु मलिक द्वारा सहारनपुर में बढ़ते कैंसर मामलों को लेकर दिए गए अभ्यावेदन पर समिति में विस्तार से सुनवाई हुई। विधायक ने समिति के समक्ष क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को विस्तारपूर्वक रखते हुए बताया कि ढमोला, काली एवं आसपास के नदी क्षेत्र से जुड़े गांवों में पिछले कई वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तेजी से बढ़ रही है।
आशु मलिक ने कहा कि क्षेत्र में कैंसर रोगियों की संख्या लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि कई परिवार इस बीमारी की वजह से आर्थिक और मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि जनजीवन और पर्यावरण से जुड़ा गंभीर विषय है, जिसकी निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच बेहद जरूरी है।
बैठक के दौरान विधायक आशु मलिक ने मांग रखी कि सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में स्थायी कैंसर जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में आधुनिक ऑन्कोलॉजी विंग और कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा विधायक ने मेडिकल कॉलेज पिलखनी में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्थाओं और जांच सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को समय पर जांच और उपचार नहीं मिल पाने के कारण गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किए बिना बढ़ती बीमारी पर नियंत्रण संभव नहीं है।
बैठक में अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि जल्द ही एक विशेष संयुक्त जांच टीम गठित की जाएगी, जो प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पानी के सैंपल लेगी तथा स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी। इसके अलावा क्षेत्र में कैंसर के संभावित कारणों की विस्तृत वैज्ञानिक जांच कर रिपोर्ट याचिका समिति को सौंपी जाएगी।
विधायक आशु मलिक ने कहा कि वह जनता के स्वास्थ्य से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को लगातार सदन और शासन स्तर पर उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की आवाज को मजबूती से सरकार तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लोगों को राहत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने भी माना कि यदि किसी क्षेत्र में कैंसर के मामलों में असामान्य वृद्धि हो रही है तो उसकी गहन जांच आवश्यक है। समिति ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जाएं।
स्थानीय लोगों ने भी इस मुद्दे को विधानसभा स्तर पर उठाए जाने का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता बनी हुई थी और अब सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता दिखाना राहत की बात है। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।








