सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश में धर्म और नफरत की राजनीति को बढ़ावा देकर जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक संकट जैसे असली मुद्दों से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार जनता से जुड़े बुनियादी सवाल उठा रही है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर चर्चा करने से बच रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान इमरान मसूद ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों में मुस्लिम संगठनों ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए गाय की कुर्बानी नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गाय करोड़ों लोगों की आस्था का प्रतीक है और यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो उसे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल और ट्रिपल इंजन की सरकारें केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही हैं, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं।
उन्होंने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई से आम आदमी परेशान है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। मसूद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीति की गलतियों का खामियाजा अब जनता भुगत रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने पिछले वर्ष संसद में प्रधानमंत्री को देश की अर्थव्यवस्था को लेकर आगाह किया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस लगातार सरकार से पूछ रही है कि देश की आर्थिक दिशा क्या होगी और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार की क्या योजना है।
इमरान मसूद ने कहा कि देश का नौजवान पढ़-लिखकर भी बेरोजगार घूम रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों में पर्याप्त सरकारी नौकरियां नहीं निकाली गईं और जब परीक्षाएं आयोजित होती हैं तो पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आ जाती हैं। उनका कहना था कि इससे युवाओं का मनोबल टूट रहा है और उनके भविष्य पर संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याओं को ईमानदारी से सामने लाए। मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार बुलडोजर कार्रवाई और धार्मिक मुद्दों को प्रमुखता देकर जनता का ध्यान भटकाने में लगी हुई है।
केरल मॉडल का जिक्र कर भाजपा पर साधा निशाना
इमरान मसूद ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा केवल उन राज्यों की चर्चा करती है जहां उसे चुनावी लाभ मिलता है, लेकिन केरल जैसे राज्यों के संदेश को नजरअंदाज कर देती है।
उन्होंने कहा कि केरल में कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से हिंदू उम्मीदवारों को समर्थन मिला और हिंदू बहुल इलाकों में मुस्लिम उम्मीदवारों को जनता ने जिताया। मसूद ने इसे देश की गंगा-जमुनी तहजीब और लोकतांत्रिक परंपरा की ताकत बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति कर समाज को बांटने का प्रयास कर रही है, जबकि देश की असली ताकत भाईचारा और सामाजिक विश्वास है।
2027 चुनाव को लेकर बड़ा बयान
कांग्रेस सांसद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की जरूरत है और सभी कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का काम करें।
इमरान मसूद ने स्पष्ट कहा कि चुनाव कौन लड़ेगा और किसे टिकट मिलेगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन को मजबूत करने की अपील की।
इस दौरान उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि वर्ष 2027 के चुनाव में उनके परिवार का कोई भी सदस्य सहारनपुर जिले से चुनाव नहीं लड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं और जनता ने उन्हें 2024 में सांसद बनाया है, वह उनका कर्ज उतारने का प्रयास करेंगे और समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाएंगे।
मसूद ने इकरा हसन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक गरीब महिला की आवाज उठाई, लेकिन उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज को प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा, पूर्व मंत्री सरफराज खान, पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल, मसूद अख्तर, पूर्व चेयरमैन नोमान मसूद , पूर्व अध्यक्ष महेंद्र तनेजा, पूर्व चेयरमैन चौधरी इरशाद, रईस मालिक, हमजा मसूद, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, डॉ रागिब अंजुम, जिला उपाध्यक्ष संगठन प्रभारी नितिन शर्मा, राहुल शर्मा, विनय माजरा, सांसद प्रतिनिधि संदीप वर्मा, सुदेश प्रधान, विक्की पूजना, सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू, वरुण शर्मा, इसरार प्रमुख, कुणाल शांडिल्य, आदित्य राणा, डॉ अमीर अहमद, सुधांशु धनगर, राजपाल कर्णवाल, मास्टर मेनपाल, गुलबहार अब्बासी, गुलफाम अंसारी, मोहमद शावेज़ आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे ।








