शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ द्वारा शुक्रवार को हकीकत नगर स्थित कैंप कार्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 39वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने चौधरी चरण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान एक विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के किसान हितैषी विचारों और नीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोकदल खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नीरपाल सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल एक राजनेता नहीं बल्कि किसानों की आत्मा थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने से चौधरी साहब के सपनों को साकार नहीं किया जा सकता, बल्कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।
चौधरी नीरपाल सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह की सोच गांव, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की थी। उन्होंने कहा कि यदि देश को विकसित और सशक्त भारत बनाना है तो चौधरी साहब की नीतियों को अपनाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे चौधरी चरण सिंह के विचारों को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने की आवश्यकता है। चौधरी चरण सिंह ने हमेशा किसान को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना और उनकी नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी पहले थीं।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह ने भारतीय राजनीति में ईमानदारी, सादगी और सिद्धांतों की राजनीति की मिसाल कायम की। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
इस दौरान जाट सभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चौधरी, जिलाध्यक्ष रिंकू सोनकर, महानगर अध्यक्ष अरविंद मलिक, योगेश प्रताप सिंह, राजदीप ढाका, अरविंद मुखिया, ब्रह्मपाल पूनिया, आरिफ मलिक, निकेत मलिक, उसंदर शर्मा, कमल सोनकर और रामकुमार सहित बड़ी संख्या में रालोद कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन चौधरी चरण सिंह के बताए मार्ग पर चलने और किसान हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ








