शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बृहस्पतिवार रात आए भीषण तूफान, आंधी और ओलावृष्टि के बाद महानगर में जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए नगर निगम ने युद्ध स्तर पर राहत एवं पुनर्स्थापना कार्य शुरू कर दिया। नगर निगम की 12 विशेष टीमें रात से ही विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं और सड़कों से गिरे पेड़ों, टूटी शाखाओं तथा अवरुद्ध मार्गों को साफ कराने का कार्य लगातार जारी है।
नगरायुक्त शिपू गिरी ने बताया कि मौसम विभाग से रेड अलर्ट प्राप्त होते ही नगर निगम ने आपदा से निपटने के लिए पूर्व तैयारी कर ली थी। इसके तहत 15 जेसीबी, 8 हाइड्रा मशीनों और लगभग 200 सफाई कर्मियों की 12 टीमों का गठन किया गया था। तूफान के दौरान और उसके तुरंत बाद इन टीमों को राहत कार्यों में लगा दिया गया।
उन्होंने बताया कि तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण शहर के करीब 120 स्थानों पर पेड़ और उनकी शाखाएं गिर गई थीं, जबकि 18 स्थानों पर बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त होने से यातायात और विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। कई इलाकों में जलभराव और नालियों के चोक होने की समस्या भी सामने आई। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, साइनेज और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा।
नगर निगम की टीमों ने रातभर अभियान चलाकर मुख्य मार्गों से अवरोध हटाने का कार्य किया। नगरायुक्त के अनुसार शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक शहर के लगभग 95 प्रतिशत मुख्य मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया था। वहीं शेष स्थानों पर भी तेजी से कार्य जारी है।
उन्होंने बताया कि नगर निगम का आपदा नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन सेवाएं भी चौबीस घंटे सक्रिय कर दी गई हैं ताकि नागरिकों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जा सके। विद्युत विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर अस्पतालों, जलकल केंद्रों और प्रमुख मार्गों की बिजली आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर बहाल कराई जा रही है।
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए शहर के 32 संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं। इनकी सहायता से पानी की निकासी कराई जा रही है। साथ ही बड़े नालों और नालियों की सफाई का कार्य भी युद्ध स्तर पर चल रहा है ताकि आगामी बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
नगरायुक्त शिपू गिरी ने बताया कि नगर निगम की जोनल टीमों और सफाई निरीक्षकों को सभी 70 वार्डों में भेजा गया है। ये टीमें घर-घर जाकर तूफान से हुई क्षति का सर्वेक्षण कर रही हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
नागरिकों की सुविधा के लिए नगर निगम ने कंट्रोल रूम नंबर 8477008058, 8477008015, 8477008057 तथा 0132-2648112 जारी किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराकर लोग तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
भविष्य की आपदाओं को देखते हुए नगर निगम ने स्थायी आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के गठन की भी तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा मौसम विभाग के साथ समन्वय बढ़ाकर पूर्व चेतावनी प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा। नगर निगम मुख्य मार्गों पर विद्युत लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत कराने के लिए पीवीवीएनएल को प्रस्ताव भेजने की भी तैयारी कर रहा है।
नगरायुक्त ने बताया कि शहर में जर्जर, झुके हुए तथा बिजली की लाइनों को छू रहे पेड़ों की पहचान कर उनकी कटाई-छंटाई का विशेष अभियान चलाया जाएगा। साथ ही मानसून से पहले सभी बड़े और छोटे नालों की 100 प्रतिशत सिल्ट सफाई 15 जून तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शिपू गिरी ने कहा कि आपदा राहत और पुनर्स्थापना कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने तूफान और ओलावृष्टि के कारण नागरिकों को हुई असुविधा पर खेद व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि शहर की व्यवस्था जल्द पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास खतरनाक और कमजोर पेड़ों की सूचना नगर निगम को देने तथा बरसात से पहले अपने घरों की छतों और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने की अपील की।








