शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। अंबाला रोड स्थित होटल रॉयल रेजीडेंसी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज के न्यूरो एवं स्पाइनल सर्जरी विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. अमिताभ गोयल ने एक जटिल और चुनौतीपूर्ण ब्रेन ट्यूमर सर्जरी की सफलता साझा करते हुए बताया कि उनकी विशेषज्ञ टीम ने 55 वर्षीय महिला मरीज के मस्तिष्क में मौजूद लगभग 8 सेंटीमीटर के विशाल ब्रेन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नया जीवन प्रदान किया है। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और मात्र तीन दिन के भीतर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
प्रेस वार्ता में डॉ. अमिताभ गोयल ने बताया कि मरीज श्रीमती मधुबाला पिछले कई महीनों से शरीर के बाईं ओर लगातार बढ़ती कमजोरी की समस्या का सामना कर रही थीं। शुरुआत में उन्हें बाएं हाथ और पैर में हल्की कमजोरी महसूस हुई, लेकिन समय के साथ यह समस्या गंभीर होती चली गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि चलते समय उनका पैर घिसटने लगा और हाथ से सामान बार-बार गिरने लगा। दैनिक कार्यों को करना भी उनके लिए कठिन होता जा रहा था।
उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा विभिन्न चिकित्सकों से परामर्श लेने के बाद मरीज की ब्रेन एमआरआई जांच कराई गई। जांच में पता चला कि मस्तिष्क के दाहिने हिस्से में लगभग 8 सेंटीमीटर का एक बड़ा ट्यूमर मौजूद है, जो शरीर की बाईं ओर की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले महत्वपूर्ण मोटर एरिया पर दबाव बना रहा था। इसके बाद मरीज को उन्नत उपचार के लिए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज लाया गया।
डॉ. गोयल ने बताया कि एमआरआई रिपोर्ट और न्यूरोलॉजिकल परीक्षण के आधार पर विशेषज्ञ टीम ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। अत्याधुनिक माइक्रोसर्जिकल तकनीकों और आधुनिक न्यूरोसर्जिकल उपकरणों की सहायता से ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। सर्जरी के दौरान ट्यूमर को पूरी सावधानी और सटीकता के साथ हटाया गया तथा किसी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई।
उन्होंने कहा कि ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य कमजोरी, संतुलन बिगड़ने, हाथ-पैरों की शक्ति कम होने, वस्तुएं हाथ से गिरने या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नता के रूप में सामने आते हैं। दुर्भाग्यवश कई लोग इन संकेतों को सामान्य थकान या उम्र का प्रभाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने बताया कि इस मरीज के मस्तिष्क में मौजूद ट्यूमर का आकार लगभग टेनिस बॉल जितना बड़ा था और यह मस्तिष्क के अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्से पर दबाव बना रहा था।
डॉ. अमिताभ गोयल ने कहा कि आज न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में तकनीकी प्रगति के कारण ऐसे जटिल मामलों का भी सुरक्षित और प्रभावी उपचार संभव हो गया है। समय पर जांच, सटीक निदान और विशेषज्ञ उपचार मिलने पर मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकते हैं।
सर्जरी के बाद मरीज की हाथ-पैरों की ताकत और चलने-फिरने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया। अस्पताल में निगरानी के दौरान उनकी स्थिति स्थिर रही, जिसके चलते चिकित्सकों ने उन्हें मात्र तीन दिन बाद डिस्चार्ज कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार नियमित फिजियोथेरेपी और पुनर्वास प्रक्रिया के माध्यम से मरीज आने वाले कुछ सप्ताह में पूरी तरह सामान्य जीवन में लौट सकेगी।
डॉ. गोयल ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर सर्जरी का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य ट्यूमर को अधिकतम सुरक्षित तरीके से निकालते हुए मरीज की न्यूरोलॉजिकल क्षमताओं को सुरक्षित बनाए रखना होता है। प्रत्येक मरीज के लिए ट्यूमर के आकार, स्थान और मस्तिष्क के महत्वपूर्ण हिस्सों पर उसके प्रभाव के अनुसार अलग रणनीति बनाई जाती है। इस मामले में सर्जरी के बाद मोटर एरिया पर बना दबाव कम हुआ, जिससे मरीज की शारीरिक क्षमता में तेजी से सुधार संभव हो पाया।
उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, संतुलन बिगड़ने, हाथ-पैरों में कंपन या अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें और आवश्यक जांच अवश्य कराएं। समय पर पहचान और उपचार गंभीर परिस्थितियों से बचा सकता है।
यह सफल ऑपरेशन मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज की उन्नत न्यूरोसर्जिकल सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। इस सफलता ने न केवल एक मरीज को नया जीवन दिया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि समय पर सही उपचार मिलने पर गंभीर ब्रेन ट्यूमर जैसी जटिल बीमारियों का भी सफल इलाज संभव है।








