शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सहारनपुर जनपद में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत 100 तालाबों को प्लास्टिक मुक्त कर स्वच्छ बनाया जाएगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर जमा कूड़े-कचरे के निस्तारण के लिए विशेष सफाई अभियान संचालित किया जाएगा। इसके अलावा सामुदायिक शौचालयों का सौंदर्यीकरण कर उन्हें अधिक उपयोगी और आकर्षक बनाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
यह जानकारी विकास भवन सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी एवं सचिव जिला स्वच्छता समिति प्रदीप कुमार द्विवेदी ने दी। उन्होंने खंड स्वच्छता प्रेरकों एवं सामुदायिक शौचालयों की महिला केयरटेकरों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी भी विकसित समाज की पहचान होती है। यदि समाज को स्वस्थ, सुंदर और विकसित बनाना है तो स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देना होगा।
उन्होंने बताया कि 1 जून से 5 जून तक विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में शासन द्वारा निर्धारित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कहा कि इस अभियान के दौरान चयनित 100 तालाबों की विशेष सफाई कर उन्हें प्लास्टिक कचरे से मुक्त किया जाएगा। तालाबों के आसपास फैले कूड़े को हटाकर वहां स्वच्छ वातावरण विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए तालाबों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। यदि जल स्रोत स्वच्छ रहेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन भी बेहतर बना रहेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वच्छता के सात प्रमुख आयामों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इनमें शत-प्रतिशत शौचालय उपयोग, पर्यावरणीय स्वच्छता, कूड़ा-कचरा प्रबंधन, रुके हुए पानी की उचित निकासी, व्यक्तिगत स्वच्छता, सामुदायिक स्वच्छता तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन शामिल रहे। प्रतिभागियों को बताया गया कि इन सभी बिंदुओं पर सामूहिक प्रयास करके ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, पंचायत भवनों, विद्यालयों और अन्य सामुदायिक परिसरों में जमा कूड़े-कचरे को अभियान चलाकर हटाया जाएगा। इसके साथ ही लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने स्वच्छता प्रेरकों से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करें और उन्हें पर्यावरण संरक्षण से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के बिना किसी भी अभियान को पूरी सफलता नहीं मिल सकती। इसलिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है।
कार्यक्रम में जिला स्वच्छता सलाहकार संदीप कुमार, आशीष सिंह सहित जनपद के सभी खंड स्वच्छता प्रेरक एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन देव भास्कर पांडेय ने किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चलाया जा रहा यह विशेष अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनजागरूकता को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस अभियान से न केवल गांवों की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।








