शहरी चौपाल ब्यूरो
नानौता/सहारनपुर। सहारनपुर जनपद के थाना तीतरों में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एंटी करप्शन टीम ने थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक को कथित रूप से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल बन गया। एंटी करप्शन टीम आरोपी उपनिरीक्षक को हिरासत में लेकर थाना नानौता पहुंची, जहां प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने साथ ले जाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता मुकेश कुमार पुत्र ओम सिंह निवासी ग्राम असाबागढ़, थाना तीतरों ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी कि थाना तीतरों में तैनात उपनिरीक्षक देशपाल एक मामले में कार्रवाई न करने तथा मुकदमे की धमकी देकर उससे रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।
गुरुवार दोपहर लगभग 12 बजे एंटी करप्शन टीम टीम प्रभारी कुशलवीर के नेतृत्व में थाना तीतरों पहुंची। टीम ने शिकायतकर्ता के माध्यम से रिश्वत की रकम उपनिरीक्षक को दिलवाई और जैसे ही उसने 10 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने पूरे घटनाक्रम को गोपनीय रखा और मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मीडिया से किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार किया।
शिकायतकर्ता मुकेश कुमार ने आरोप लगाया कि गांव के प्रधान संजीव कुमार और उपनिरीक्षक देशपाल की मिलीभगत से उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे। उनका कहना है कि सरकारी रेहड़ा चोरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर उनसे रुपये मांगे जा रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार रिश्वत की मांग लगातार की जा रही थी, जिसके बाद उन्होंने 2 मई को एंटी करप्शन विभाग से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन विभाग ने पूरे मामले की निगरानी की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने रिश्वत की रकम के साथ उपनिरीक्षक को गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एंटी करप्शन टीम की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग के लिए यह घटना छवि को प्रभावित करने वाली मानी जा रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में और कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं तथा आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
एंटी करप्शन विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई को जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। मामले की जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।








