शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। श्री राधे गोविंद सेवा समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञानामृत सप्ताह का समापन विश्व शांति, मानव कल्याण और धर्म जागरण की मंगलकामनाओं के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर विधि-विधान से हवन-यज्ञ किया गया तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम के अंतिम दिन धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। इससे पूर्व शनिवार रात्रि को सातवें दिन की कथा के उपरांत मां बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन किया गया। आयोजकों के अनुसार महायज्ञ का उद्देश्य वातावरण और वायुमंडल को शुद्ध करने के साथ-साथ विश्व में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना था।
कथा व्यास आचार्य भगवती प्रसाद शुक्ल ने समापन प्रवचन में कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मा का कल्याण है। उन्होंने कहा कि जन्म और मरण के चक्र से मुक्ति प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को भक्ति मार्ग अपनाते हुए सत्कर्मों से अपने जीवन को जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता, सेवा और सदाचार भी धर्म के महत्वपूर्ण अंग हैं।
कथा के सातवें और अंतिम दिन आचार्य शुक्ल ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए। उन्होंने बताया कि सच्ची मित्रता स्वार्थ नहीं, बल्कि प्रेम, समर्पण और विश्वास पर आधारित होती है। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण किया।
इस अवसर पर भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भजन गायकों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधारानी और अन्य देवी-देवताओं के भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति संगीत और धार्मिक वातावरण ने कार्यक्रम को और अधिक दिव्य बना दिया।
कथा के समापन समारोह में नगर थाना प्रभारी देवेश शर्मा, कस्बा इंचार्ज राकेश शर्मा, उपनिरीक्षक रविंद्र भाटी, संजय मित्तल (कुरुक्षेत्र), प्रदीप भाकला, अंकित गोयल, प्रियंक जैन तथा मास्टर पवन सिंह राठौर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आचार्य भगवती प्रसाद शुक्ल से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की अमूल्य धरोहर है। ऐसी धार्मिक कथाएं मनुष्य को सदाचार, सेवा, त्याग और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के लिए इस प्रकार के आयोजनों की विशेष आवश्यकता है।
समापन अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं तथा सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कथा के यजमान धर्मेंद्र राणा परिवार सहित सभी धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री राधे गोविंद सेवा समिति के संरक्षक विनीत शर्मा, संयोजक मनोज गोयल, अध्यक्ष राजन शर्मा, महामंत्री पंकज जैन, कोषाध्यक्ष विजय त्यागी, हरीश गर्ग, सचिन शर्मा, सोहित मित्तल, सन्नी भार्गव तथा अन्य कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया तथा विश्व शांति, मानव कल्याण और समाज में सुख-समृद्धि की कामना की। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य और सफल बना दिया।








