शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। रेलवे रोड स्थित पंजाब होटल में आयोजित सहारनपुर जिला ईंट निर्माता समिति की महत्वपूर्ण बैठक में जनपद के सभी ईंट भट्टों की फुकाई 30 जून तक बंद करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में बड़ी संख्या में भट्टा मालिकों और समिति पदाधिकारियों ने भाग लिया तथा उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला ईंट निर्माता समिति के अध्यक्ष सन्नी चौधरी ने सभी भट्टा संचालकों से समिति के निर्णय का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार 1 जनवरी से 30 जून तक ही भट्टों का संचालन किया जाना था और सभी सदस्यों को इस निर्णय पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि 30 जून के बाद यदि कोई भट्टा फुकाई करता हुआ पाया गया तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा तथा संबंधित भट्टे पर धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा।
बैठक में ईंट भट्टा उद्योग से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधि चौधरी अर्जुन सिंह ने कहा कि जनपद के ईंट भट्टों के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में जो मामला विचाराधीन है, उसमें उद्योग जगत को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सहारनपुर क्षेत्र पर एनसीआर के नियम लागू नहीं होते और उद्योग के हितों की रक्षा के लिए सहारनपुर से लेकर उच्चतम न्यायालय तक हर स्तर पर मजबूती से लड़ाई लड़ी जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी भट्टा संचालक का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा संगठन हर परिस्थिति में अपने सदस्यों के साथ खड़ा रहेगा। बैठक में उपस्थित भट्टा मालिकों ने भी संगठन की एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।
जिला अध्यक्ष सन्नी चौधरी ने बैठक के दौरान जीएसटी और खनन शुल्क से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि सभी भट्टा संचालक समय से अपना जीएसटी रिटर्न दाखिल करें। उन्होंने बताया कि निर्धारित सीमा के अंतर्गत रिटर्न जमा करने वाले व्यापारियों को अनावश्यक कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही जिन सदस्यों पर खनन शुल्क बकाया है, उन्हें भी शीघ्र भुगतान करने की सलाह दी गई।
समिति के संरक्षक बृजभूषण शर्मा ने कहा कि संगठन के सभी पदाधिकारी उद्योग से जुड़े लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सदस्यों से किसी भी विभाग या अधिकारी के दबाव में न आने और अपनी समस्याओं को संगठन के माध्यम से उठाने का आग्रह किया।
बैठक को जिला महामंत्री अरुण राणा, कोषाध्यक्ष वरुण सैनी, जिला उपाध्यक्ष अकरम प्रधान, गंगोह से मुनेश प्रधान, सुरेंद्र अरोड़ा, नकुड़ से ओमवीर चौधरी, हाजी याकूब, राव राजू, सुधीर राणा सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। सभी ने उद्योग की एकता और हितों की रक्षा के लिए संगठन को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि उद्योग से जुड़े सभी सदस्य समिति के दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर सामूहिक रूप से उसका समाधान किया जाएगा। बड़ी संख्या में उपस्थित भट्टा मालिकों ने संगठन के निर्णयों का समर्थन करते हुए उद्योग हित में एकजुट रहने का संकल्प लिया।








