शहरी चौपाल ब्यूरो
आगरा। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का भव्य समापन रविवार को आगरा में हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा आगरा विश्वविद्यालय की कुलपति आशा रानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया, जिसके बाद पत्रकारिता, मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने संगठन की 54 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने हमेशा पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में बदलते समय के साथ नई चुनौतियां सामने आई हैं। मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने और वास्तविक तथा फर्जी पत्रकारों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पत्रकारों की पहचान के लिए स्पष्ट मानक तय करने चाहिए, जिससे पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता बनी रहे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही सूचना एवं प्रसारण मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार समाज तथा सरकार के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार अनेक चुनौतियों और दबावों के बावजूद निष्पक्ष रूप से सच को सामने लाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डबल इंजन सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी है और विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी पहचान स्थापित की है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पत्रकार समाज की समस्याओं को उजागर करने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। सकारात्मक आलोचना लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पत्रकारों से राष्ट्रहित, जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकार सुरक्षा कानून सहित पत्रकार हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और सम्मेलन में रखे गए सुझावों को उचित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप तिवारी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह, राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र दुबे, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सक्सेना, मोहन अग्रवाल, दिलीप सुराणा, अजय सिंह, के.पी. सिंह और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण अवस्थी, रतन पटेल, शंकर यादव और ऋषि कुमार आर्या ने भगवान कामतानाथ का चित्र भेंट कर उपमुख्यमंत्री का स्वागत एवं सम्मान किया।
सम्मेलन में पत्रकार सुरक्षा कानून, पेंशन व्यवस्था, मीडिया की स्वतंत्रता, पत्रकारों के अधिकारों तथा संगठन की मजबूती जैसे विषयों पर गंभीर मंथन हुआ। कार्यक्रम का समापन पत्रकार हितों की रक्षा, संगठन को सशक्त बनाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प के साथ किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए पत्रकार प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पत्रकारिता के समक्ष मौजूद चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।








