भामाशाह जयंती को राष्ट्रीय व्यापारी दिवस घोषित करने की मांग, व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर 28 जून को भामाशाह जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय व्यापारी दिवस घोषित करने की मांग की। व्यापारियों के योगदान और भामाशाह के आदर्शों को सम्मान देने की अपील।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (पंजीकृत) ने देशभर के व्यापारी समाज को सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर 28 जून को दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर ‘राष्ट्रीय व्यापारी दिवस’ घोषित किए जाने की मांग की है। व्यापार मंडल का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक विकास और जनकल्याण में व्यापारी वर्ग की ऐतिहासिक भूमिका रही है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए।

व्यापार मंडल द्वारा भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि दानवीर भामाशाह केवल एक सफल व्यवसायी नहीं थे, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, समर्पण और समाजसेवा के प्रतीक भी थे। इतिहास में उनका नाम उस महान व्यक्तित्व के रूप में दर्ज है, जिन्होंने अपना संपूर्ण धन, रत्न और संपत्ति महाराणा प्रताप को राष्ट्र की रक्षा और स्वाभिमान की लड़ाई के लिए समर्पित कर दी थी। भामाशाह का यह योगदान भारतीय इतिहास में अद्वितीय माना जाता है और आज भी व्यापारिक समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि भारत का व्यापारी वर्ग सदैव राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार रहा है। देश पर जब-जब कोई संकट आया है, चाहे वह युद्ध का समय हो, प्राकृतिक आपदा हो या सामाजिक चुनौती, व्यापारी समाज ने बढ़-चढ़कर सहयोग दिया है। व्यापारियों ने न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दी है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, धर्मशालाओं, पार्कों, धार्मिक स्थलों तथा सामाजिक संस्थाओं के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि समाज के गरीब, जरूरतमंद और बेसहारा लोगों की सहायता के लिए व्यापारी वर्ग हमेशा आगे रहा है। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, आर्थिक सहायता और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने में व्यापारी समाज ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। यही कारण है कि व्यापारी समाज भामाशाह को अपना आदर्श मानता है और उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करता है।

ज्ञापन में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही 28 जून को प्रदेश स्तर पर व्यापारी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा कर चुकी है। वहीं राजस्थान में भी भामाशाह के नाम पर विभिन्न सम्मान और पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को भी राष्ट्रीय स्तर पर इस दिवस को मान्यता देकर व्यापारियों के योगदान को सम्मानित करना चाहिए।

व्यापार मंडल ने अपने ज्ञापन में कहा कि जिस प्रकार देश में शिक्षक दिवस, श्रमिक दिवस, महिला दिवस और अन्य राष्ट्रीय दिवस मनाए जाते हैं, उसी प्रकार व्यापारी वर्ग के योगदान को सम्मान देने के लिए राष्ट्रीय व्यापारी दिवस की घोषणा की जानी चाहिए। इससे न केवल करोड़ों व्यापारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को भी उद्यमिता, स्वरोजगार और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।

जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि व्यापारी वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और राष्ट्र की प्रगति में उसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने कहा कि भामाशाह के आदर्श आज भी समाज को प्रेरित करते हैं और उनके सम्मान में राष्ट्रीय व्यापारी दिवस घोषित किया जाना चाहिए।

ज्ञापन पर जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, एस.के. सूरी, पवन कुमार गोयल, रमेश डावर, राजीव अग्रवाल, मुरली खन्ना, दीपक राज सिंघल, राकेश गाबा, संजीव सचदेवा, संजय महेश्वरी, संदीप सिंघल तथा अभिषेक भाटिया सहित अनेक व्यापारिक नेताओं और पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।

व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि भामाशाह जयंती को राष्ट्रीय व्यापारी दिवस घोषित कर देश के करोड़ों व्यापारियों को सम्मान देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया जाए, ताकि भामाशाह के आदर्श, राष्ट्रभक्ति और दानशीलता की प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती रहे।

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