शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सरसावा पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संयुक्त कार्रवाई में एक अंतरराज्यीय शराब तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1400 पेटी अंग्रेजी शराब से भरा एक कैंटर ट्रक बरामद किया गया। बरामद शराब विभिन्न ब्रांडों की बताई गई है, जो केवल चंडीगढ़ राज्य में बिक्री के लिए अनुमन्य थी। पुलिस ने इस कार्रवाई को हाल के दिनों में अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपदभर में अवैध शराब, मादक पदार्थों और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी नकुड़ के निकट पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष सरसावा एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम के नेतृत्व में विशेष चेकिंग अभियान संचालित किया गया।
रविवार को मुखबिर से सूचना मिली कि भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर एक कैंटर ट्रक क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर सरसावा टोल प्लाजा के निकट अंबाला रोड पर संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब भरी हुई मिली। जांच के दौरान ट्रक से कुल 1400 पेटी शराब बरामद की गई, जिसके बाद चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहन लाल पुत्र गुणेश राम निवासी लीलासर कोलू, जिला बाड़मेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार बरामद शराब अलग-अलग ब्रांड और मार्का की है तथा चंडीगढ़ राज्य में बिक्री के लिए अधिकृत थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब को अवैध रूप से अन्य राज्यों में सप्लाई करने के लिए ले जाया जा रहा था, जहां इसे अधिक कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस को दी हैं। उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर चंडीगढ़ से सस्ते दामों पर शराब खरीदता था और मांग के अनुसार विभिन्न राज्यों में उसकी सप्लाई करता था। इस अवैध कारोबार में शामिल लोग परिवहन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक जांच से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों और तरीकों का इस्तेमाल करते थे। आरोपी ने स्वीकार किया कि इस धंधे से उन्हें अच्छा आर्थिक लाभ प्राप्त होता था और कमाई को सभी साथी आपस में बांट लेते थे।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों, सप्लायरों और खरीददारों की पहचान करने में जुट गई है। बरामद मोबाइल फोन, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना सरसावा में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 63/72 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस सफल कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक शिखर श्रीवास्तव, बलराम सिंह, अरुण कुमार, अमित वर्मा, कुलदीप सिंह, उपनिरीक्षक देवेन्द्रपाल तोमर, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, प्रदीप कुमार, कांस्टेबल रंगेश सिंह, योगेश कुमार सहित पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध शराब तस्करी, नशे के कारोबार और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से न केवल एक बड़ी खेप पकड़ी गई है, बल्कि अवैध शराब तस्करी के नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार हुआ है।








