गोरक्ष गंगा घाट की पवित्रता बनाए रखने की मांग, हिंदू संगठनों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सहारनपुर में श्री गोगा महाड़ी सुधार सभा और विभिन्न हिंदू संगठनों ने गोरक्ष गंगा घाट की धार्मिक गरिमा एवं पवित्रता बनाए रखने की मांग को लेकर जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। श्री गोगा महाड़ी सुधार सभा, विभिन्न हिंदू संगठनों एवं सनातन धर्म के अनुयायियों ने मंगलवार को गोरक्ष गंगा घाट की धार्मिक गरिमा एवं पवित्रता बनाए रखने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी तथा नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में धार्मिक स्थल की पहचान, परंपराओं और पवित्र स्वरूप को संरक्षित रखने की मांग करते हुए प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप की अपेक्षा जताई गई।

ज्ञापन में कहा गया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा श्री गोरक्ष गंगा घाट का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया था, जिससे इस स्थल की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को और अधिक बल मिला। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि इसके बाद संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं धार्मिक संगठनों को विश्वास में लिए बिना उक्त स्थल का ठेका प्रदान कर दिया गया। उनका कहना है कि वर्तमान में यह स्थल एक व्यावसायिक नाम से संचालित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं आहत हो रही हैं।

श्री गोगा महाड़ी सुधार सभा के पदाधिकारियों ने मांग करते हुए कहा कि धार्मिक महत्व रखने वाले इस स्थल का मूल नाम गोरक्ष गंगा घाट ही पुनः स्थापित किया जाए तथा इसकी धार्मिक पहचान को किसी भी प्रकार से प्रभावित न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह स्थल वर्षों से आस्था का केंद्र रहा है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

संगठनों ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि सरोवर परिसर में विभिन्न धार्मिक प्रतिमाएं स्थापित हैं और यह क्षेत्र धार्मिक अनुष्ठानों एवं आयोजनों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां धार्मिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन स्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे तथा धार्मिक वातावरण को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करे।

पदाधिकारियों ने कहा कि गोरक्ष गंगा घाट केवल एक स्थल नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण और धार्मिक स्वरूप को बनाए रखना प्रशासन तथा समाज दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो श्रद्धालुओं में असंतोष बढ़ सकता है।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो श्री गोगा महाड़ी सुधार सभा, विभिन्न हिंदू संगठन तथा अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी अप्रिय परिस्थिति की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और नगर निगम की होगी।

इस अवसर पर बजरंग दल से शक्ति राणा, शिवा पंडित, अभिनव प्रताप सैनी, कपिल मोड़ा, राघवेंद्र स्वामी, मुकेश शर्मा, संजय सैनी, अनिल कुमार सैनी, बंटी जैन, ठाकुर सिंह राजपूत, सचिन गोयल और राहुल जैन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा वाल्मीकि सभा से राजकुमार प्रधान, वरदान घावरी, दीपक वाल्मीकि, आशीष वाल्मीकि सहित अनेक समाजसेवियों एवं श्रद्धालुओं ने भी ज्ञापन कार्यक्रम में भाग लिया।

हिंदू संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि गोरक्ष गंगा घाट की धार्मिक पहचान और पवित्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रह सके।

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