Saharanpur News: संभागीय परिवहन विभाग की टीम ने हरोड़ा स्थित स्क्रैप सेंटर का किया निरीक्षण, वाहन कटान मशीनों की जांच

सहारनपुर के गागलहेड़ी क्षेत्र स्थित हरोड़ा स्क्रैप सेंटर का संभागीय परिवहन विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने वाहनों के दस्तावेजों की जांच के साथ नई कटान मशीनों की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया और मानकों के अनुरूप संचालन के निर्देश दिए।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

गागलहेड़ी, । सड़क परिवहन एवं वाहन स्क्रैपिंग व्यवस्था को पारदर्शी और मानक आधारित बनाने के उद्देश्य से संभागीय परिवहन विभाग की टीम ने बुधवार को गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव हरोड़ा स्थित स्क्रैप सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने स्क्रैप सेंटर में खड़े वाहनों के दस्तावेजों की जांच करने के साथ-साथ वाहनों के कटान के लिए स्थापित की जा रही आधुनिक मशीनों का भी बारीकी से परीक्षण किया।

संभागीय परिवहन निरीक्षक रोहित कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने स्क्रैप सेंटर परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान वहां मौजूद स्क्रैपिंग के लिए लाई गई गाड़ियों के अभिलेखों और आवश्यक प्रपत्रों की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार निरीक्षण में सभी दस्तावेज नियमानुसार पाए गए और किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई।

निरीक्षण के दौरान टीम ने उन मशीनों का भी परीक्षण किया जिन्हें पुराने एवं अनुपयोगी वाहनों के वैज्ञानिक तरीके से कटान के लिए स्थापित किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पिछले माह स्क्रैप सेंटर पर लाई गई आधुनिक मशीनों को निर्धारित स्थानों पर स्थापित करने का कार्य जारी है। इन मशीनों के माध्यम से वाहनों को पर्यावरणीय मानकों और केंद्र सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति के अनुरूप निस्तारित किया जाएगा।

संभागीय परिवहन निरीक्षक रोहित कुमार सिंह ने बताया कि मशीनों की स्थापना और संचालन प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया है। मशीनों के पूर्ण रूप से स्थापित होने और तकनीकी परीक्षण सफल होने के बाद ही वाहनों के कटान का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्क्रैपिंग प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि पुराने और अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण में किसी प्रकार की अनियमितता न हो। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया से प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ वाहन उद्योग को भी लाभ होगा।

परिवहन विभाग की टीम ने स्क्रैप सेंटर संचालकों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किए जाएं। साथ ही वाहनों के रिकॉर्ड, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और स्क्रैपिंग प्रक्रिया से जुड़े सभी अभिलेख अद्यतन रखे जाएं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्क्रैप सेंटरों की समय-समय पर जांच की जाती रहेगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने स्क्रैप सेंटर की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी नियमित निगरानी जारी रखने की बात कही।

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