शहरी चौपाल ब्यूरो
गंगोह। क्षेत्र के गांव ततारपुर कला स्थित इंडियन बैंक शाखा में कर्मचारियों की भारी कमी के कारण किसानों और बैंक ग्राहकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग 15 दिनों से बैंक शाखा में प्रबंधक (मैनेजर) नहीं आ रहे हैं और केवल एक कर्मचारी के भरोसे बैंक का संचालन किया जा रहा है। इससे बैंक में आने वाले ग्राहकों की लंबी कतारें लग रही हैं तथा कई महत्वपूर्ण कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान समय में किसान अपने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों से जुड़े लेन-देन और जमा कार्यों को लेकर बैंक पहुंच रहे हैं, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण उनके कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। कई किसानों ने आशंका जताई है कि यदि केसीसी की किस्तें और अन्य बैंकिंग औपचारिकताएं समय पर पूरी नहीं हुईं तो उन्हें अतिरिक्त ब्याज का बोझ उठाना पड़ सकता है तथा सरकार द्वारा मिलने वाली ब्याज छूट और अन्य सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ सकता है।
बैंक में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान, मजदूर, पेंशनधारक और अन्य ग्राहक अपने कार्यों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन केवल एक कर्मचारी होने के कारण नकदी निकासी, जमा, पासबुक अपडेट, केसीसी भुगतान तथा अन्य बैंकिंग सेवाओं में अत्यधिक विलंब हो रहा है। ग्राहकों को घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी कई बार बिना काम कराए वापस लौटना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने बैंक के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया। कुछ किसानों ने इंडियन बैंक के केंद्रीय कार्यालय चेन्नई में भी मोबाइल फोन के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकल पाया है। इससे क्षेत्र के किसानों और ग्राहकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसान विकास कुमार, रामपाल, कंवर सिंह, अनिल शर्मा, राजेश कुमार, पप्पू कुमार, रवि कुमार सहित अनेक ग्रामीणों ने बैंक प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि ततारपुर कला शाखा में तत्काल पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की जाए। उनका कहना है कि बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ हैं और यदि समय पर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो किसानों और आम ग्राहकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बैंक में अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई और व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से मिलकर व्यापक स्तर पर शिकायत करने को मजबूर होंगे। किसानों ने मांग की है कि केसीसी से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए ताकि किसानों पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ न पड़े और उन्हें समय पर सरकारी लाभ मिल सके।
क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि बैंक प्रशासन जल्द ही मामले का संज्ञान लेकर शाखा में पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था करेगा, जिससे किसानों और ग्राहकों को राहत मिल सके।








