सहारनपुर। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र स्थित देहरादून रोड पर गुरुवार देर रात एक टायर गोदाम में अचानक आग लगने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोदाम के बाहर खड़ी एक ई-रिक्शा में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसने कुछ ही देर में आसपास रखे टायरों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। हालांकि डायल-112 पुलिस टीम की तत्परता और साहसिक प्रयासों के चलते समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात के समय अचानक ई-रिक्शा से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया और पास में स्थित टायर गोदाम तक पहुंच गई। टायरों में आग लगने की आशंका से आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों को डर था कि यदि आग तेजी से फैल गई तो आसपास स्थित अन्य गोदामों और प्रतिष्ठानों को भी भारी नुकसान हो सकता है।
घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस सेवा को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस रिस्पांस व्हीकल कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गई। मौके पर तैनात कांस्टेबल राहुल और वाहन चालक प्रदीप त्यागी ने बिना किसी देरी के आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। दोनों ने स्थानीय लोगों की मदद से मिट्टी और अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिसकर्मियों ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना आग के बेहद करीब जाकर उसे नियंत्रित करने का प्रयास किया। उनकी तत्परता और सूझबूझ के कारण आग गोदाम के बड़े हिस्से तक नहीं पहुंच सकी। इसी दौरान अग्निशमन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई, लेकिन तब तक आग काफी हद तक नियंत्रित की जा चुकी थी।
घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो सबसे बड़ी राहत की बात रही। हालांकि गोदाम में रखे कुछ टायर आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
घटना के बाद ट्रांसपोर्ट नगर के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने डायल-112 टीम की जमकर सराहना की। व्यापारियों का कहना था कि यदि पुलिस टीम समय पर नहीं पहुंचती तो आग भयंकर रूप धारण कर सकती थी और आसपास के कई प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हो सकता था। लोगों ने कांस्टेबल राहुल और चालक प्रदीप त्यागी की कर्तव्यनिष्ठा, बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित किए जाने की मांग भी की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में ई-रिक्शा में शॉर्ट सर्किट होने की संभावना सामने आई है। अधिकारियों ने वाहन स्वामियों और व्यापारियों से विद्युत उपकरणों एवं बैटरियों की नियमित जांच कराने तथा अग्नि सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डायल-112 टीम की मुस्तैदी ने न केवल लाखों रुपये के नुकसान को रोका, बल्कि एक संभावित बड़े हादसे को भी टाल दिया। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की त्वरित कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।








