शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जनपद में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की गहन समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि जनहित और जनजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।
डीएम ने देहरादून एक्सप्रेस-वे सहित प्रमुख मार्गों पर लगे अनाधिकृत होर्डिंग्स, अवैध ढाबों और अन्य अतिक्रमणों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित उपजिलाधिकारियों, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), पुलिस विभाग तथा जिला पंचायत को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के लिए कहा। उनका कहना था कि सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जे न केवल यातायात बाधित करते हैं बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं।
उन्होंने मुख्य मार्गों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों और अनधिकृत पार्किंग को गंभीर समस्या बताते हुए पुलिस एवं परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जनपद में संचालित अवैध बस स्टैंड, डग्गामार वाहनों, अवैध ई-रिक्शा और ई-ऑटो के खिलाफ भी सघन प्रवर्तन अभियान चलाने पर जोर दिया गया।
बैठक में स्कूलों में संचालित वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों की बसों, वैनों और रिक्शाओं की नियमित फिटनेस जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन करने वाले वाहनों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और इसके लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी ने प्रमुख मार्गों पर स्थित सभी अवैध कटों को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क किनारे होने वाली अवैध पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विगत तीन वर्षों के दुर्घटना आंकड़ों के आधार पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स का संयुक्त निरीक्षण कर अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुधारात्मक उपाय लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना राहत योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को दुर्घटना के बाद सात दिनों तक अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जिलाधिकारी ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
उन्होंने बार-बार सड़क दुर्घटनाओं में शामिल पाए जाने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया।
सड़क परिवहन निगम की बसों को निर्धारित स्थानों के अतिरिक्त अन्य जगहों पर खड़ा करने पर भी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही रोडवेज बस चालकों और परिचालकों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं नेत्र परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए ताकि सड़क पर वाहन संचालन के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही या स्वास्थ्य संबंधी जोखिम से बचा जा सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात शैलेंद्र श्रीवास्तव, आरएम रोडवेज योगेंद्र कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी एम.पी. सिंह, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बैठक के अंत में कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाओं और निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। जनपद में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।








