शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर में संचालित ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (एडीटीसी) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए संभागीय परिवहन विभाग ने उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया है। उप परिवहन आयुक्त मेरठ की जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं, प्रशिक्षण रिकॉर्ड में गड़बड़ी और अभ्यर्थियों से कथित अवैध वसूली जैसे कई अहम तथ्य सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। इस फैसले के बाद सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आवेदकों के सामने भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
जानकारी के अनुसार बेहट रोड स्थित ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को केंद्रीय मोटरयान नियमावली-1989 के तहत पांच वर्षों के लिए लाइसेंस जारी किया गया था। हालांकि पिछले काफी समय से सेंटर के संचालन को लेकर विभिन्न शिकायतें प्रशासन और परिवहन विभाग को प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में ड्राइविंग प्रशिक्षण और ड्राइविंग टेस्ट के नाम पर अतिरिक्त धनराशि वसूलने, अभ्यर्थियों को उचित प्रशिक्षण न देने तथा रिकॉर्ड में अनियमितताएं बरतने के आरोप लगाए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 फरवरी 2026 को मंडलायुक्त द्वारा सेंटर का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कई बिंदुओं पर कमियां और अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद संभागीय परिवहन विभाग ने 11 मार्च 2026 को सेंटर संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था तथा पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच उप परिवहन आयुक्त मेरठ को सौंप दी गई थी।
जांच में पाया गया कि प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति और प्रशिक्षण से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अधूरे थे। कई मामलों में प्रशिक्षण का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं मिला। शिकायतकर्ता नदीम आलम ने आरोप लगाया था कि उनसे 2 अगस्त 2025 को प्रशिक्षण और लाइसेंस प्रक्रिया के नाम पर पांच हजार रुपये शुल्क लिया गया, लेकिन प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और प्रमाण उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच में प्रशिक्षणार्थियों के पंजीकरण और रिकॉर्ड रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यालय स्तर से सेंटर का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद उन अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है जिनकी ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया या प्रशिक्षण अभी जारी था। अब उन्हें आगे की प्रक्रिया को लेकर शासन और परिवहन विभाग के निर्देशों का इंतजार है।
संभागीय निरीक्षक रोहित कुमार सिंह ने बताया कि ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर मुख्यालय द्वारा लाइसेंस निरस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन से आगे के निर्देश प्राप्त होने के बाद शेष प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस कार्रवाई को परिवहन विभाग द्वारा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्रों में नियमों का उल्लंघन और अभ्यर्थियों के साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








