शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । कलक्ट्रेट परिसर स्थित उपनिबंधक कार्यालय को ग्राम फतेहपुर जट स्थानांतरित किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में दि कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन (रजि.) सहारनपुर ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर रजिस्ट्री कार्यालय को वर्तमान स्थान पर ही बनाए रखने की मांग की है। साथ ही अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को लागू न किए जाने की मांग भी उठाई।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय को कलक्ट्रेट परिसर से लगभग सात से आठ किलोमीटर दूर स्थानांतरित किए जाने से अधिवक्ताओं, क्लर्कों, टाइपिस्टों, डीड राइटरों, स्टाम्प विक्रेताओं और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उनका कहना है कि वर्तमान में सभी प्रशासनिक और राजस्व संबंधी कार्यालय एक ही परिसर में होने के कारण लोगों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध है, जबकि कार्यालय के स्थानांतरण से अनावश्यक भागदौड़ बढ़ेगी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नियमानुसार उपनिबंधक कार्यालय का संचालन तहसील अथवा प्रशासनिक परिसर में होना अधिक उपयुक्त माना जाता है। वर्षों के प्रयासों के बाद कलक्ट्रेट परिसर में स्थापित रजिस्ट्री कार्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित करना न केवल आमजन के हितों के विपरीत होगा, बल्कि इससे प्रशासनिक कार्यों की गति और समन्वय भी प्रभावित हो सकता है। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने में शासन को अतिरिक्त वित्तीय भार भी उठाना पड़ेगा।
बार एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार की प्रस्तावित ई-रजिस्ट्री प्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था को लेकर प्रदेशभर के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, टाइपिस्टों और अन्य संबंधित वर्गों में असंतोष व्याप्त है। उनका मानना है कि बिना व्यापक विचार-विमर्श के इस व्यवस्था को लागू करना हजारों लोगों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस विषय में 17 जून 2026 को भी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था, जिस पर रजिस्ट्री कार्यालय को फतेहपुर जट स्थानांतरित न किए जाने का आश्वासन मिला था। बावजूद इसके अब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं होने से अधिवक्ताओं और संबंधित वर्गों में चिंता बनी हुई है।
अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुरूप रजिस्ट्री कार्यालय को कलक्ट्रेट परिसर में यथावत बनाए रखा जाए तथा प्रस्तावित स्थानांतरण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
ज्ञापन सौंपने वालों में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर संजीव कुमार एडवोकेट, महासचिव चौधरी सरोत्तन सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।








