सीएम डैशबोर्ड समीक्षा में मंडलायुक्त सख्त: कोचिंग सेंटर, अस्पताल और मॉल की होगी विशेष जांच, खराब रैंकिंग वाले विभागों को चेतावनी

सहारनपुर मंडल में सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक के दौरान मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने खराब रैंकिंग वाले विभागों पर नाराजगी जताई। कोचिंग सेंटर, अस्पताल, बारातघर और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर पांच दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। मोहर्रम की तैयारियों और कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने मंगलवार को आयोजित सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं की धीमी प्रगति और खराब रैंकिंग पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी विभाग की लापरवाही से मंडल की रैंकिंग प्रभावित नहीं होनी चाहिए और सभी अधिकारी शासन की प्राथमिकताओं को गंभीरता से लेकर कार्य करें।

वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में एडीजी भानु भास्कर, डीआईजी अभिषेक सिंह, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर एवं शामली के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्यमंत्री आवास योजना, जननी सुरक्षा योजना, फैमिली आईडी, पर्यटन विकास, पोषण अभियान, सड़क एवं सेतु निर्माण, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना, सिल्ट सफाई कार्यक्रम और पंचायत उत्सव भवन निर्माण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न मिलने और रैंकिंग खराब रहने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए और सभी योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति समय पर पोर्टल पर अपडेट की जाए। जननी सुरक्षा योजना के तहत लंबित भुगतान शीघ्र कराने तथा फैमिली आईडी की प्रगति बढ़ाने के लिए भी विशेष निर्देश दिए गए।

हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर सामने आई अग्निकांड की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, बारातघरों, शॉपिंग मॉल, बार एवं अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर व्यापक सुरक्षा जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग, प्रवेश और निकासी द्वार तथा छत तक पहुंचने के रास्तों की विशेष रूप से जांच की जाए।

उन्होंने अग्निशमन विभाग, पुलिस, विद्युत विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक तथा प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर पांच दिवसीय विशेष निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जहां भी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विद्युत विभाग को भी विद्युत ऑडिट अभियान चलाकर भवनों में स्वीकृत क्षमता के अनुरूप विद्युत भार की जांच करने को कहा गया।

आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बने, बल्कि गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए निस्तारण के बाद उनसे संवाद भी स्थापित किया जाए और कोई भी मामला डिफाल्टर श्रेणी में नहीं जाना चाहिए।

राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान उन्होंने विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली बढ़ाने, पुराने न्यायालयी वादों के निस्तारण में तेजी लाने तथा लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर समाप्त करने के निर्देश दिए। पीएम स्वनिधि योजना, स्मार्ट सिटी, परिवहन, खनिज और आबकारी विभागों को भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर राजस्व वृद्धि और रैंकिंग बेहतर करने को कहा गया।

बैठक में कानून व्यवस्था और आगामी मोहर्रम पर्व की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कराने, सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने तथा नई परंपराओं को अनुमति न देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, अपर आयुक्त प्रशासन रमेश यादव, अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह, सलिल कुमार पटेल सहित मंडल और जनपद स्तर के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

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