शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बिहार में भरत तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में हुई मृत्यु के मामले को लेकर राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर समाज में अनेक प्रश्न उठ रहे हैं, जिनका निष्पक्ष जांच के माध्यम से समाधान होना आवश्यक है।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता हकीकतनगर स्थित रामलीला मैदान में एकत्र हुए। वहां से शांतिपूर्ण मार्च निकालते हुए सभी लोग जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों ने न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को न्याय प्राप्त करने का अधिकार प्रदान करता है। किसी भी व्यक्ति पर अपराध के आरोप होने की स्थिति में भी उसके संवैधानिक और कानूनी अधिकार सुरक्षित रहते हैं। ऐसे में किसी भी घटना की निष्पक्ष जांच लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि विभिन्न समाचार माध्यमों और जनचर्चाओं में सामने आ रही जानकारियों के आधार पर भरत तिवारी प्रकरण को लेकर कई प्रकार की आशंकाएं व्यक्त की जा रही हैं। इन परिस्थितियों में स्वतंत्र एजेंसी या सक्षम प्राधिकरण की निगरानी में जांच कराए जाने से तथ्यों की स्पष्टता सामने आएगी और जनमानस में विश्वास कायम होगा।
राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ ने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि केंद्र और राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर मामले की उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, प्रक्रिया संबंधी त्रुटि अथवा अधिकारों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि जांच प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि आम जनता के सामने वास्तविक तथ्य आ सकें। संगठन का कहना है कि किसी भी संवेदनशील मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करती है।
इसके अतिरिक्त संघ ने भरत तिवारी को शहीद का दर्जा दिए जाने तथा उनके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में कहा गया कि परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान कर उनके भरण-पोषण और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित सरकारें और प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कदम उठाएंगे।
इस अवसर पर राजीव शर्मा, रोहित कौशिक, आचार्य वासुदेव, शुभम कौशिक, प्रद्युम्न शर्मा, कान्हा राणा, अभिषेक राणा, अर्जुन पंडित, नागेंद्र राणा, मनमोहन शर्मा, अतुल पाराशर, आत्मानुभवी महाराज, सौरभ शर्मा, देवा ठाकुर, डॉ. हर्षवर्धन शर्मा, के.के. शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, आचार्य धर्मेंद्र सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








