शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर सोमवार को देवबंद में किसानों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए प्रस्तावित समझौते पर पुनर्विचार की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व भाकियू (चढ़ूनी) के जिलाध्यक्ष हिमांशु चौधरी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान संगठन से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि कृषि क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते का प्रभाव सबसे पहले किसानों पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रदेश प्रमुख महासचिव प्रियदीप त्यागी ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर किसानों के बीच गंभीर चिंताएं हैं। उनका कहना था कि यदि कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क में व्यापक कमी की जाती है तो विदेशी उत्पाद भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक कीमतों पर उपलब्ध हो सकते हैं, जिससे स्थानीय किसानों की आय और कृषि बाजार प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान पहले से ही बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में यदि विदेशी कृषि उत्पादों को अधिक छूट मिलती है तो किसानों के सामने नई आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले किसान संगठनों और कृषि विशेषज्ञों से व्यापक संवाद किया जाना चाहिए।
मंडल अध्यक्ष अरविंद शर्मा ने कहा कि किसान हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि प्रस्तावित समझौते में किसानों के हितों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनजागरण और आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेगा।
जिलाध्यक्ष हिमांशु चौधरी ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि प्रस्तावित ट्रेड डील के सभी पहलुओं को सार्वजनिक किया जाए और किसानों को भरोसे में लेकर निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े लाखों परिवारों की आजीविका इस विषय से जुड़ी हुई है, इसलिए किसी भी समझौते का दूरगामी प्रभाव ध्यान में रखा जाना चाहिए।
युवा जिलाध्यक्ष सुलभ चौधरी ने कहा कि किसान और युवा वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि किसान हितों की रक्षा के लिए युवा पूरी तरह सजग हैं और आवश्यकता पड़ने पर लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
प्रदर्शन के बाद किसानों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रस्तावित ट्रेड डील पर पुनर्विचार करते हुए किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए इस अवसर पर सरदार मलकीत सिंह, कुलदीप कुमार, दीपक त्यागी, शिवकुमार चौधरी, राज सिंह चौधरी, राघव प्रताप चौधरी, कपिल चौधरी, अशोक प्रधान, नितिन त्यागी, मोहम्मद सरफराज, मोहम्मद अनवर, गोर्धन त्यागी, अभिषेक शर्मा, गौरव वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।








