शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लेकर बुधवार को जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिंह राणा और महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए उससे जुड़े किसी भी मामले में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
ज्ञापन जिला प्रशासन की ओर से वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी विकास पांडे ने प्राप्त किया। उन्होंने ज्ञापन को राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि और चढ़ावे से संबंधित मामलों में उठ रहे सवालों का स्पष्ट और निष्पक्ष जवाब देश की जनता को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े किसी भी विषय पर संदेह की स्थिति नहीं रहनी चाहिए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता के आरोप सामने आए हैं तो उनकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
संदीप राणा ने कहा कि हाल ही में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी नृपेंद्र मिश्रा द्वारा दिए गए कुछ सार्वजनिक बयानों के बाद यह विषय राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्च न्यायिक निगरानी में कराई जाए, ताकि सभी तथ्य निष्पक्ष रूप से सामने आ सकें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी मामले में अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं तो उसके संबंध में विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई और जांच की जानी चाहिए। उन्होंने एसआईटी जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के मन में उठ रहे संदेहों को दूर करने के लिए पारदर्शी जांच आवश्यक है।
महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिकी दर्ज किए जाने की मांग भी उठाई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रदेश सचिव अशोक सैनी, पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा और जिला उपाध्यक्ष सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक संस्थाओं और सार्वजनिक ट्रस्टों में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनविश्वास दोनों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता की आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मामले की स्वतंत्र जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने की मांग की।
प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा, महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी, पूर्व प्रदेश सचिव अशोक सैनी, जिला प्रवक्ता गणेश दत्त शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू, पूर्व महानगर अध्यक्ष वरुण शर्मा, सेवादल जिलाध्यक्ष इमरान कुरैशी, चौधरी गालिब, सोनू पठान, हरिओम मिश्रा, नीरज कपिल, इकराम खान, प्रभजीत सिंह लांबा, कार्तिक राणा, आदित्य राणा, रजनीश प्रधान, राजू प्रधान, अजय त्यागी, अनुज शर्मा, नसीब खान, दीपक सैनी, शाहबाज आजाद, अमित शर्मा, मयंक शर्मा, फैज खान, राकेश मोहन शर्मा, जमशेद अली, जमाल अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।








