शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। औद्योगिक विकास को गति देने तथा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से नगर निगम स्थित शाकुंभरी सभागार में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, जल निकासी, पथ प्रकाश व्यवस्था और औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता नगरायुक्त शिपू गिरि ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और उद्यमियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के प्रतिनिधियों ने कामधेनु उद्योग नगर की प्रमुख सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उद्यमियों ने बताया कि मुख्य मार्ग से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अभी तक न तो टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई है और न ही निर्माण कार्य शुरू हो पाया है। इस पर नगरायुक्त शिपू गिरि ने निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित प्रस्ताव को महापौर की स्वीकृति के बाद 15वें वित्त आयोग की बैठक में रखा जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जा सके।
बैठक में देहरादून रोड स्थित एएस कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की समस्या भी उठाई गई। इस पर महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार ने जानकारी दी कि क्षेत्र का सर्वे पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि दूधली रोड के निकट देहरादून रोड और मौर्य वर्कशॉप से रॉयल इंडस्ट्रीज तक लगभग 1100 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है। इसके लिए विभागीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है और जल्द ही कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
उद्यमियों ने अंबाला रोड स्थित दबनीवाला कब्रिस्तान के निकट मस्जिद क्षेत्र में सुरक्षा के मद्देनजर तारबाड़ और सूचना बोर्ड लगाने की मांग भी रखी। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित स्थान पर बोर्ड लगाए जा चुके हैं तथा तारबाड़ के लिए आगणन तैयार कर लिया गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
बैठक के दौरान नगरायुक्त शिपू गिरि ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए दबनीवाला कब्रिस्तान के समीप स्थित तालाब तथा नगर निगम द्वारा विकसित अन्य प्रमुख तालाबों के व्यावसायिक और जनोपयोगी विकास की कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया। उनका कहना था कि ऐसे जलाशयों का संरक्षण करते हुए उन्हें शहर के विकास से जोड़ा जा सकता है।
इसके अतिरिक्त ग्रीन लैंड कॉम्प्लेक्स में जल निकासी, पथ प्रकाश व्यवस्था, विभिन्न क्षेत्रों में खड़ंजा निर्माण और जलभराव की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में कार्यवाही चल रही है तथा कई परियोजनाएं प्रक्रिया में हैं।
बैठक में उद्यमी प्रमोद सडाना और रविंद्र मिगलानी ने शहर में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने का सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के बीच पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस पर नगरायुक्त ने सभी उद्यमियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से पीपल, बरगद, पाकड़ और अमलतास जैसे पौधे लगाने का सुझाव दिया, जो मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी लंबे समय तक हरे-भरे बने रहते हैं और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उद्यमियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगरायुक्त ने कर संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए कामधेनु उद्योग नगर सहित दो स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से उद्यमी सीधे अधिकारियों से संवाद कर अपनी समस्याओं का मौके पर ही समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
बैठक में अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव, मृत्युंजय एवं जेपी यादव, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह सहित नगर निगम के अनेक अधिकारी मौजूद रहे। वहीं उद्योग जगत की ओर से आशीष मित्तल, संदीप कपूर, सुरेंद्र मोहन, प्रमोद सडाना, निशांत गुप्ता, रविंद्र मिगलानी सहित बड़ी संख्या में उद्यमियों ने सहभागिता की।
उद्योग बंधु की बैठक में उठाए गए मुद्दों और अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासनों से उद्यमियों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और औद्योगिक क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।








