शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । मोहर्रम के मातमी जुलूस में इस वर्ष पार्षदों और समाजसेवियों ने सेवा, भाईचारे और मानवता की अनूठी मिसाल पेश की। भीषण गर्मी के बीच नगर निगम के पार्षदों ने अकीदतमंदों के लिए ठंडे पानी एवं जीरा-लेमन की सबील लगाकर प्यास बुझाई, वहीं नगर निगम के उद्यान विभाग के सहयोग से पानी के फव्वारों वाली गाड़ी चलवाई गई। खास बात यह रही कि फव्वारों के पानी में गुलाबजल मिलाया गया, जिससे पूरे जुलूस मार्ग पर खुशबू बिखर गई और मातमी जुलूस में शामिल लोगों को गर्मी से राहत मिली।
इस सेवा कार्य का नेतृत्व नगर निगम की कार्यकारिणी के सदस्य एवं पार्षद मंसूर बदर ने किया। उनकी पहल और व्यवस्थाओं की शिया समाज सहित बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने सराहना की। अकीदतमंदों ने मंसूर बदर को सम्मानित करते हुए कहा कि वे समाज के हर वर्ग की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर योगदान देते हैं।
पार्षद सईद सिद्दीकी और इजहार मंसूरी सुबह से ही जुलूस की व्यवस्थाओं में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि यौमे आशूरा हमें हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी, इंसाफ, सब्र और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वहीं पार्षद जफर अंसारी और गुलजेब खान ने कहा कि कर्बला का संदेश केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए अमन, भाईचारे और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है।
पार्षद समीर अंसारी, महमूद हसन, रईस पप्पू और आसिफ अंसारी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत हमें मानवता, त्याग और न्याय के लिए हर परिस्थिति में डटे रहने की सीख देती है। उन्होंने युवाओं से समाज में सद्भाव, सेवा और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान पार्षद मेनपाल, डॉ. मंसूर, यंग तिरंगा क्लब के अध्यक्ष उस्मान मलिक, जावेद मलिक, बाबू, बिलाल अंसारी, इमरान मंत्री, जाकिर अलमास, सोनू जैदी सहित अनेक समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि धार्मिक आयोजनों में सेवा कार्य सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम हैं।
मोहर्रम के अवसर पर पार्षदों द्वारा की गई इस व्यवस्था की जुलूस में शामिल हजारों अकीदतमंदों ने खुले दिल से सराहना की। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी के बीच ठंडे पेयजल, जीरा-लेमन और गुलाबजल मिश्रित फुहारों की व्यवस्था ने न केवल राहत पहुंचाई, बल्कि आयोजन को यादगार भी बना दिया। सेवा, सौहार्द और इंसानियत का यह संदेश मोहर्रम के जुलूस की सबसे सुंदर तस्वीर बनकर सामने आया।








