शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई ने मंडी समिति की नई ऐप व्यवस्था, दुकानों के किराए में हर वर्ष 5 प्रतिशत वृद्धि, ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी खामियों तथा लाइसेंस नवीनीकरण की नई शर्तों के विरोध में शनिवार को राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, सहारनपुर मंडल के उपनिदेशक देवेंद्र कुमार वर्मा को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
जिलाध्यक्ष शीतल टंडन ने कहा कि मंडी समिति द्वारा लागू की गई नई ऐप और टैग व्यवस्था बिना व्यापारी संगठनों से चर्चा किए लागू की गई है। इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जबकि तकनीकी समस्याओं के कारण रोजमर्रा का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि नई व्यवस्था को फिलहाल स्थगित कर व्यापारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर व्यवहारिक समाधान निकाला जाए।
ज्ञापन में मंडी की दुकानों के किराए में प्रतिवर्ष होने वाली 5 प्रतिशत स्वचालित वृद्धि को तत्काल समाप्त करने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि कृषि उपज के बदलते बाजार और सीमित लाभ के बीच लगातार बढ़ता किराया व्यापार को कठिन बना रहा है। साथ ही वर्ष 2010 में जारी मंडी निदेशालय के आदेश का सभी मंडियों में समान रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
व्यापार मंडल ने ऑनलाइन पोर्टल और मंडी ऐप की तकनीकी खामियों का भी मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि शुल्क जमा करने के बाद भी पोर्टल पर बकाया राशि दिखाई देती है, सर्वर बार-बार डाउन रहता है और लेन-देन का रियल टाइम विवरण उपलब्ध नहीं होने से पारदर्शिता प्रभावित होती है। व्यापारियों ने पोर्टल और सर्वर को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की।
ज्ञापन में मंडी लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को भी सरल और व्यापारी हितैषी बनाने की मांग की गई। व्यापारियों ने गारंटर और शपथ-पत्र जैसी नई अनिवार्य शर्तों को समाप्त कर पूर्व व्यवस्था बहाल करने का आग्रह किया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, प्रांतीय मंत्री एवं मंडी प्रभारी रमेश डावर, संदीप सिंघल, सुभाष अग्रवाल सहित अनेक व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। ज्ञापन की प्रतिलिपि कृषि मंत्री, जिलाधिकारी और मंडी समिति सचिव को भी भेजी गई है।








