शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1 करोड़ 31 लाख 25 हजार 200 रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे एवं निशानदेही पर साइबर ठगी में प्रयुक्त लैपटॉप, मोबाइल फोन, स्कैनर, पीओएस मशीन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, सिम कार्ड, आधार कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक नगर व्योम बिंदल ने प्रेस वार्ता के दौरान किया।
एसपी सिटी ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को बेहट रोड स्थित मंगलम एंटरप्राइजेज के संचालक अंशुल गुप्ता ने थाना साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि KU COIN (MINGCOIN Trading Platform) के माध्यम से अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.31 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। जब उन्होंने निवेश की गई धनराशि वापस निकालने का प्रयास किया तो उनका पैसा वापस नहीं मिला। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल की। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम गाजियाबाद के खोडा कॉलोनी स्थित दीपक विहार पहुंची, जहां छापेमारी कर बिहार निवासी सद्दाम और झारखंड निवासी जावेद अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित के खाते से ट्रांसफर की गई धनराशि का एक हिस्सा आरोपियों के बैंक खातों में पहुंचा था। दोनों आरोपी साइबर ठगी के लिए अलग-अलग नामों से बैंक खाते खुलवाकर और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन फ्रॉड का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक एसर कंपनी का लैपटॉप, दो स्कैनर, एक स्कैनर मशीन, एक पीओएस मशीन, सात सिम कार्ड, 26 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 19 चेकबुक, 24 पासबुक, 20 चेक, तीन उद्योग पंजीकरण प्रमाणपत्र, चार बिल बुक, तीन आधार कार्ड, एक पासपोर्ट तथा विभिन्न कंपनियों के पंपलेट और मोहरें बरामद की हैं। पुलिस का मानना है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल साइबर अपराधों को अंजाम देने में किया जाता था।
एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी शातिर साइबर अपराधी हैं और उनके विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पहले से 13 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों और इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान ट्रेडिंग ऐप, निवेश योजना या अधिक मुनाफे का लालच देने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना जांच-पड़ताल के धन निवेश न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाने से संपर्क करें।
इस सफल कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पीयूष कुमार, हेड कांस्टेबल रोहित कुमार तथा हेड कांस्टेबल नितिन शर्मा की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।








