शहरी चौपाल ब्यूरो
सरसावा (सहारनपुर) सहारनपुर जनपद के सरसावा थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। यहां एक महिला ने अपनी ही बेटी, जो वर्तमान में हापुड़ में जिलापूर्ति अधिकारी के पद पर कार्यरत बताई जा रही हैं, के विरुद्ध धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया है। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सरसावा थाना क्षेत्र की रहने वाली मुनेश रानी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी सीमा चौधरी ने अपनी कथित अवैध कमाई को छिपाने के उद्देश्य से उनके गाजियाबाद स्थित एक निजी बैंक खाते में लगभग 15 लाख रुपये जमा करा दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त बैंक खाते का संचालन वह स्वयं करती हैं और इस लेनदेन की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। खाते में अचानक बड़ी राशि आने के बाद उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
मुनेश रानी ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि पूरे प्रकरण में फर्जीवाड़ा किया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सीमा चौधरी के अलावा संजीव कुमार, गंभीर, राजेंद्र राणा तथा नरेश कुमार को भी नामजद करते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले को लेकर थाना प्रभारी सरसावा ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और विवेचना शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान बैंकिंग लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। पुलिस का कहना है कि विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में इसे लेकर व्यापक चर्चा का माहौल है। लोग बैंक खातों में बड़े वित्तीय लेनदेन और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। वहीं कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जबकि आरोप असत्य पाए जाने की स्थिति में जांच उसी अनुरूप आगे बढ़ेगी।








