शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहर के वार्ड संख्या-54 स्थित नूर बस्ती में रविवार को हुई हल्की बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। कुछ ही देर की वर्षा के बाद क्षेत्र की अधिकांश गलियां और सड़कें जलमग्न हो गईं। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान, बर्तन और बेड तक पानी में डूब गए, जबकि लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि नूर बस्ती में जलभराव की समस्या नई नहीं बल्कि वर्षों पुरानी है। मौजूदा भूमिगत ड्रेनेज पाइप की क्षमता बेहद कम होने के कारण बारिश का पानी समय पर नहीं निकल पाता। बारिश रुकने के कई घंटे बाद तक पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा रहता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि जलभराव के कारण सीवर और शौचालयों का गंदा पानी भी सड़कों पर फैल जाता है। इससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैलने के साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्रवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर महापौर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि पुराने और छोटे भूमिगत नाले को हटाकर अधिक क्षमता वाला बड़ा ड्रेनेज पाइप बिछाया जाए, ताकि बरसात के दौरान जलभराव से स्थायी राहत मिल सके। उनका कहना है कि नगर निगम को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आगामी मानसून में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने नगर निगम से जल्द तकनीकी सर्वे कराकर बड़े ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण की मांग की है, ताकि वार्ड-54 के हजारों लोगों को हर बारिश में होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सके।








