शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मोक्षायतन अंतर्राष्ट्रीय योग संस्थान में रविवार को आयोजित विशेष यज्ञोत्सव में पद्मश्री स्वामी भारत भूषण ने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को उत्सव बनाने और कृतज्ञता प्रकट करने का श्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने कहा कि भारतीय पर्वों और संस्कारों का मूल स्वरूप सुरक्षित रखते हुए ही समाज को सही दिशा दी जा सकती है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ललित वर्मा एवं अजर शर्मा के नेतृत्व में योग साधना, वैदिक संध्या और यज्ञ के साथ हुआ। इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) संवर्ग में पदोन्नत संतोष बहादुर सिंह ने अपने नए दायित्वों के सफल निर्वहन के लिए कर्मधर्म का आशीर्वाद लिया।
स्वामी भारत भूषण ने कहा कि संध्या, योग और यज्ञ भारतीय संस्कृति की ऐसी धरोहर हैं, जो व्यक्ति को आत्मिक उन्नति और विवेक की ओर ले जाती हैं। उन्होंने कहा कि गुरु का कार्य शिष्य को अपने बंधन में रखना नहीं, बल्कि उसे आत्मनिर्भर और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।
यज्ञोत्सव के दौरान शिव-सोनल चौहान, रविंद्र-मोना मिगलानी, अशोक-मंजू गुप्ता, सुभाष-पूनम वर्मा, कीर्ति-राजीव आनंद सहित अनेक साधकों ने अपना जन्मोत्सव यज्ञमय वातावरण में मनाया। नेत्र विशेषज्ञ डॉ. आनंद मेहरा, पत्रकार दीपक अरोड़ा, विजय सुखीजा, पीयूष खेड़ा और उद्धव मित्तल सहित कई साधकों को उनकी विशेष उपलब्धियों पर वरिष्ठ साधकों ने सत्साहित्य भेंट कर सम्मानित किया।
आईएएस अधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यज्ञ से प्राप्त आशीर्वाद उनके नए प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
इस अवसर पर व्यासपूर्णिमा कार्यक्रम श्रृंखला का भी शुभारंभ किया गया। स्वामी भारत भूषण ने बताया कि व्यासपूर्णिमा का उद्देश्य नए साधकों को ज्ञान, सेवा और आत्मविकास के मार्ग पर अग्रसर करना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लेकर वैदिक परंपराओं के संरक्षण और जीवन में सकारात्मक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया।








