शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। अवैध खनन और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उपखनिज के परिवहन पर शिकंजा कसते हुए बेहट थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने फर्जी रॉयल्टी और कूटरचित परिवहन प्रपत्र तैयार कर उपखनिज का अवैध परिवहन करने वाले गिरोह से जुड़े दो और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से फर्जी रॉयल्टी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बिना छपे रॉयल्टी प्रपत्र और एक कार भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, एक जुलाई 2026 को खान निरीक्षक अभिलाष चौबे की तहरीर पर बेहट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया था कि कुछ लोग फर्जी परिवहन प्रपत्र तैयार कर उन्हें असली दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करते हुए सैंडस्टोन एवं क्वार्टजाइट गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे थे। इस अवैध गतिविधि से सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मामले में वाहन स्वामियों, चालकों, एक स्टोन क्रेशर संचालक तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, खान एवं खनिज अधिनियम, उत्तर प्रदेश खनिज नियमावली तथा सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी बेहट के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र सिंह दीक्षित के नेतृत्व में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया गया। इसी क्रम में पहले आरोपी तसव्वर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था। अब पुलिस ने नहर मलकपुर रोड से मामले में वांछित मोबीन उर्फ चम्पत पुत्र यामीन उर्फ काला तथा प्रवेज पुत्र जमील, दोनों निवासी ग्राम टिडोली थाना नकुड़, को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से फर्जी रॉयल्टी तैयार करने में प्रयुक्त एक लैपटॉप, कैनन कंपनी का प्रिंटर, एलजी की एलईडी, डेल कंपनी का सीपीयू, माइक्रोटेक यूपीएस, की-बोर्ड, माउस, पांच बिना छपे फर्जी रॉयल्टी प्रपत्र, दो वाहनों के फर्जी उपखनिज परिवहन प्रपत्र तथा 110 बिना छपी रॉयल्टी पर्चियां बरामद हुईं। इसके अलावा एक ब्रेजा कार को भी मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है।
पुलिस का मानना है कि बरामद उपकरणों का उपयोग फर्जी रॉयल्टी और परिवहन प्रपत्र तैयार करने के लिए किया जा रहा था। मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।
सहारनपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी निरीक्षक राजेश सक्सैना, उपनिरीक्षक धीरज सिंह, स्वाट टीम के उपनिरीक्षक नीरज पंवार सहित बेहट थाना और एसओजी की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।








