शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर नगर निगम द्वारा कमेला (बूचड़खाना) संचालन के लिए जारी की गई ई-टेंडर प्रक्रिया को तकनीकी कारणों से फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। निगम अधिकारियों के अनुसार आवश्यक तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद संशोधित कार्यक्रम के साथ नई तिथि घोषित कर दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।
नगर निगम इससे पहले टेंडर खोलने की तिथि 1 जुलाई से बढ़ाकर 6 जुलाई कर चुका था, लेकिन तकनीकी बाधाओं के चलते प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। अब सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ई-टेंडर दोबारा जारी किया जाएगा।
यह पहली बार है जब नगर निगम कमेले के संचालन और विकास के लिए बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (BOOT) मॉडल अपनाने जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार चयनित निजी एजेंसी 30 वर्षों तक कमेले का निर्माण, संचालन और रखरखाव करेगी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पूरी परियोजना नगर निगम को हस्तांतरित कर दी जाएगी।
नगर निगम का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं से युक्त ऐसा बूचड़खाना विकसित करना है, जहां स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और पशु अवशेषों के वैज्ञानिक निस्तारण की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध हो। इससे न केवल संचालन में पारदर्शिता आएगी बल्कि पर्यावरणीय मानकों का भी प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मौजूदा कमेले को महानगर क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है। नई परियोजना में आधुनिक तकनीक आधारित अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली, स्वच्छ जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण के सभी मानकों का पालन किया जाएगा।
नगर निगम का कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद संशोधित शर्तों के साथ टेंडर प्रक्रिया पुनः शुरू की जाएगी, ताकि योग्य एजेंसियों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके और परियोजना समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ सके।
शहर के विकास और पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बूचड़खाने के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रदूषण नियंत्रण को मजबूती मिलेगी और नगर निगम को दीर्घकालिक राजस्व का भी लाभ प्राप्त होगा।








